विरासत केंद्र में रखा शौर्यवीरों का सामान।
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झाझड़िया ने इस ऑपरेशन के दौरान जो टी शर्ट पहनी थी, वह आपको चंडीगढ़ के वायुसेना विरासत केंद्र में देखने को मिलेगी। उसमें गोलियों के निशान आज भी मौजूद हैं। खास बात यह है कि वायुवीरों के पराक्रम से लोगों को रूबरू करवाने के लिए भारतीय वायुसेना दिवस (आठ अक्तूबर) पर चंडीगढ़ पर्यटन विभाग ने वायुसेना विरासत केंद्र में प्रवेश नि:शुल्क कर दिया है।
इन वायुवीरों के साहस से जुड़ीं चीजें रखी हैं विरासत केंद्र में
- परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों का कोट
- शौर्य चक्र विजेता स्क्वाड्रन लीडर संदीप झाझड़िया की गोलियां की टीशर्ट, जिस पर गोलियों के निशान हैं
- शौर्य चक्र विजेता शहीद ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की घड़ी, नेम टैब, पायलट बैज
- शौर्य चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन वाई के कांडलकर की साइड कैप, चश्मा और स्क्वाड्रन पैच
- शौर्य चक्र विजेता गरुड़ कमांडो कॉर्पोरल आनंद सिंह का मफलर
- शौर्य चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन पी अंतिल की घड़ी और दस्ताने
- अशोक चक्र विजेता शहीद कॉर्पोरल ज्योति प्रकाश निराला का मैरून रंग बैरेट, धूप का चश्मा और स्विस नाइफ कवर
- महावीर चक्र विजेता (सेवानिवृत्त) विंग कमांडर जेएम नाथ की खाकी वर्दी, पेन और हिप फ्लास्क
- महावीर चक्र विजेता (सेवानिनिवृत) एयर कमोडोर हरचरण सिंह मांगट का फ्लाइंग हेलमेट, ऑक्सीजन मास्क
- परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित (सेवानिनिवृत्त) एयर मार्शल मोहिंदर सिंह बाबा का फ्लाइंग ओवर (जी-सूट)