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वायुसेना दिवस: 2 गोलियां लगीं मगर संदीप ने हार नहीं मानी, 3 आतंकियों को किया ढेर, टी-शर्ट बयां कर रही वीरगाथा

Sun, 08 Oct 2023 04:36 PM IST
ajay kumar परीक्षित सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पुलवामा के नायरा गांव में 29 जनवरी 2022 को घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया था। इस दौरान आतंकियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी थी। दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई। स्क्वाड्रन लीडर संदीप झाझड़िया को भी दो गोलियां लगीं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गोली लगने के बावजूद आतंकियों पर गोलियां बरसाते रहे और तीन आतंकियों को ढेर कर दिया।
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वायुसेना विरासत केंद्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जब तक थी सांस लड़े वो, फिर अपनी लाश बिछा दी... अपने वीर सपूतों की कुर्बानी को यह देश कभी नहीं भूल सकता। 1939 से 1945 तक चलने वाला दूसरा विश्व युद्ध हो या 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध। कारगिल युद्ध हो या पुलवामा हमला, देश के सैनिकों ने दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए थे। वायुसेना के जांबाजों ने भी अदम्य साहस का परिचय दिया था। उनकी बहादुरी के किस्से और निशानियों दोनों को वायुसेना विरासत केंद्र ने सहेजकर रखा है। गोलियों से छलनी टीशर्ट, हेलमेट और तमगे वायुवीरों की शौर्य की कहानी बता रहे हैं।

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ऐसे ही वीर सपूतों में से एक हैं राजस्थान के भडौंदा खुर्द गांव निवासी स्क्वाड्रन लीडर संदीप झाझड़िया। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के निकट 29-30 जनवरी 2022 को चलाए गए ऑपरेशन नायरा के दौरान गोली लगने के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था। उनके इस साहस के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति ने उन्हें शौर्य चक्र प्रदान किया था।

ऑपरेशन के लिए सेना की 55 राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस समेत सुरक्षाबलों ने पुलवामा इलाके के नायरा गांव में 29 जनवरी 2022 को घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान आतंकियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी। दोनों तरफ से भारी गोलीबारी हुई। स्क्वाड्रन लीडर संदीप झाझड़िया को भी दो गोलियां लग गईं लेकिन संदीप ने हार नहीं मानी। गोली लगने के बावजूद आतंकियों पर गोलियां बरसाते रहे और तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। 

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विरासत केंद्र में रखा शौर्यवीरों का सामान। - फोटो : अमर उजाला
झाझड़िया ने इस ऑपरेशन के दौरान जो टी शर्ट पहनी थी, वह आपको चंडीगढ़ के वायुसेना विरासत केंद्र में देखने को मिलेगी। उसमें गोलियों के निशान आज भी मौजूद हैं। खास बात यह है कि वायुवीरों के पराक्रम से लोगों को रूबरू करवाने के लिए भारतीय वायुसेना दिवस (आठ अक्तूबर) पर चंडीगढ़ पर्यटन विभाग ने वायुसेना विरासत केंद्र में प्रवेश नि:शुल्क कर दिया है।

इन वायुवीरों के साहस से जुड़ीं चीजें रखी हैं विरासत केंद्र में

  • परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मल जीत सिंह सेखों का कोट
  • शौर्य चक्र विजेता स्क्वाड्रन लीडर संदीप झाझड़िया की गोलियां की टीशर्ट, जिस पर गोलियों के निशान हैं
  • शौर्य चक्र विजेता शहीद ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की घड़ी, नेम टैब, पायलट बैज
  • शौर्य चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन वाई के कांडलकर की साइड कैप, चश्मा और स्क्वाड्रन पैच
  • शौर्य चक्र विजेता गरुड़ कमांडो कॉर्पोरल आनंद सिंह का मफलर
  • शौर्य चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन पी अंतिल की घड़ी और दस्ताने
  • अशोक चक्र विजेता शहीद कॉर्पोरल ज्योति प्रकाश निराला का मैरून रंग बैरेट, धूप का चश्मा और स्विस नाइफ कवर
  • महावीर चक्र विजेता (सेवानिवृत्त) विंग कमांडर जेएम नाथ की खाकी वर्दी, पेन और हिप फ्लास्क
  • महावीर चक्र विजेता (सेवानिनिवृत) एयर कमोडोर हरचरण सिंह मांगट का फ्लाइंग हेलमेट, ऑक्सीजन मास्क
  • परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित (सेवानिनिवृत्त) एयर मार्शल मोहिंदर सिंह बाबा का फ्लाइंग ओवर (जी-सूट)
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