यूटी प्रशासक के सलाहकार का पदभार संभालते ही वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनोज परिदा एक्शन मोड में आ गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर चल रहे विकास कार्यों पर उनकी पैनी नजर है। उन्होंने वीरवार को सभी विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली और कहा कि किस डिपार्टमेंट ने कौन से काम किए गए हैं और कौन से काम लंबित हैं, उन सभी की सूची बनाई जाए और अधिकारी इसकी पूरी तैयारी के साथ अगली बैठक में शामिल हों। इसके लिए जल्द ही नियमावली तैयार कर ली जाएगी। अपनी कार्यशैली के मुताबिक मनोज परिदा ने काम करना शुरू कर दिया है।
प्रशासन के विभिन्न विभागों के अफसर सुबह से एडवाइजर से मुलाकात करने के साथ ही अपने-अपने डिपार्टमेंट के कार्यों को लेकर प्रेजेंटेशन देते रहे। किस योजना में कितना काम विभाग ने किया है, इसको भी एडवाइजर के सामने रखा गया। वहीं एडवाइजर ने सभी एचओडी और अधिकारियों से अपने डिपार्टमेंट के कार्यों को अगली मीटिंग में रखने के की बात कही। इसके लिए एडवाइजर ने सभी से होमवर्क करके आने को कहा है। डिपार्टमेंट ने इस साल में किन प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उनका वर्तमान स्टेटस क्या है और जो लंबित हैं वह कब तक पूरे होंगे प्रजेंटेशन में यह विस्तार से जानकारी देनी होगी।
लॉ एंड आर्डर पर रहा फोकस
एडवाइजर ने लॉ एंड ऑर्डर और बेहतर करने पर डीजीपी संजय बेनीवाल से चर्चा की। उन्होंने पुलिस द्वारा की गई पहल के बारे में जानकारी दी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने पर जोर देने पर भी चर्चा हुई। हालांकि यह महज औपचारिक मीटिंग थी। इसमें किसी विषय पर विस्तार से चर्चा नहीं हुई। अगली मीटिंग में प्रेजेंटेशन के साथ सभी डिपार्टमेंट के कार्यों पर चर्चा होगी। इस मीटिंग में फाइनेंस सेक्रेटरी एके सिन्हा, ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी डॉ. एके सिंगला, डीसी मंदीप सिंह बराड़ और नगर निगम कमिश्नर केके यादव सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।