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प्रशासक से मिली नई फीस पॉलिसी के ड्रॉफ्ट को मंजूरी, निर्देश जारी

Sat, 14 May 2016 01:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कप्तान सिंह सोलंकी, गवर्नर - फोटो : amar ujala
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यूटी प्रशासक प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी ने प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगाम कसने के लिए यूटी प्रशासन द्वारा तैयार नई फीस पॉलिसी के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार शाम को इस संबंध में यूटी के शिक्षा सचिव को निर्देश जारी कर दिए गए। शिक्षा विभाग ने भी देर शाम ड्रॉफ्ट पालिसी को अभिभावकों और आम पब्लिक के फीडबैक के लिए अपनी वेबसाइट पर जारी कर दिया है। शहरवासी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन की ईमेल dpi-chd@nic.in  पर अपने सुझाव भेज सकते हैं।
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यूटी प्रशासक की ओर से मंजूर की गई नई फीस पॉलिसी को अमर उजाला ने 5 मई के अंक में ‘प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगाम लगाने की तैयारी’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग अब पॉलिसी पर आम जनता की राय लेकर जरूरत पड़ने पर संशोधन कर अंतिम मंजूरी के लिए प्रशासक के पास इसी महीने भेज देगा।  पॉलिसी में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 2013 में प्राइवेट स्कूलों की जांच के लिए जस्टिस आरएस मोंगिया कमेटी का भी जिक्र किया गया है। कमेटी को 6 महीने में रिपोर्ट देनी थी। लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। 

नई पॉलिसी में प्राइवेट से प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई मुश्किल 
यूटी प्रशासन द्वारा तैयार की गई नई फीस पॉलिसी से प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस, प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगवाने और महंगी ड्रेस कैंपस में ही बेचने जैसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करने में मुश्किल आ सकती है। पॉलिसी के नियमों की अनदेखी करने पर स्कूलों के खिलाफ सीबीएसई को मान्यता रद्द करने या एस्टेट ऑफिस को लैंड अलॉटमेंट रद्द करने या जुर्माना लगाने का प्रावधान यूटी प्रशासन ने किया है। तीनों ही मामलों में प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।
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नई पॉलिसी की मुख्य बातें इस प्रकार हैं ..
-शिक्षा विभाग एक कमेटी गठित करेगा जो कि नई फीस पॉलिसी के संबंध में प्राइवेट स्कूलों पर नजर रखेगा। 
-प्राइवेट स्कूल एडमिशन फीस, री एडमिशन फीस, स्कूल कैपंस में किताबों या ड्रेस की सेल नहीं कर पाएंगे। 
-प्राइवेट स्कूल ऐसी किताबें नहीं लगाएंगे जो सिर्फ चुनिंदा बुक शॉप पर उपलब्ध होंगी।
-स्टूडेंट्स को किताबें रिटेल प्राइस पर मिलने वाले डिस्काउंट रेट पर मिलनी चाहिए। 
-प्राइवेट स्कूलों की फीस दो कैटेगरी पहली से पांचवी और छठी से 12वीं क्लास की होगी। 
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प्राइवेट स्कूलों का होगा ऑडिट, एक्ट बनाने पर मंथन

स्कूल - फोटो : demo pics
नई पॉलिसी में शिक्षा विभाग की ओर से नियुक्त ऑडिटर और चार्टेड एकाउंटेट सभी प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट करेंगे। ऑडिट रिपोर्ट में प्राइवेट स्कूलों की लैंड अलॉटमेंट, बिल्ंिडग, फर्नीचर, बिजली उपकरण, इलेक्ट्रिसिटी वॉटर, स्टॉफ की सैलरी, स्कूल का महीने का खर्च, प्रति स्टूडेंट खर्च और स्कूल को मिलने वाला प्रोफिट मार्जन जैसे 12 प्वाइंट पर ऑडिट करेगी। जिसकी रिपोर्ट आने पर प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई होगी।

चंडीगढ़ स्कूल एजुकेशन एक्ट बनाने को लेकर मीटिंग शहर के प्राइवेट स्कूलों की भारी भरकम फीस और अन्य खर्चों से अभिभावक काफी दुखी हैं। प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रशासन के अधिकारियों ने आनन -फानन में नई फीस पॉलिसी बनाकर मामले को शांत करने की कोशिश की। लेकिन विरोध लगातार जारी है। भविष्य में मामले की गंभीरता को देखते हुए यूटी प्रशासन के अधिकारियों ने शिक्षा विभाग को पॉलिसी के साथ-साथ पंजाब स्कूल एजुकेशन एक्ट और दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट पर मंथन करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार दोपहर बाद डीएसई रूबिंदरजीत सिंह बराड़ और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों ने चंडीगढ़ स्कूल एजुकेशन एक्ट बनाने को लेकर कई घंटे लंबी मीटिंग की है।  

अब 20 मई तक शिकायत दर्ज करेगा शिक्षा विभाग  शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ शिकायतों की रिपोर्ट 13 मई तक तैयार करने का दावा किया था। लेकिन शुक्रवार को शिक्षा विभाग अपने वादे पर खरा नहीं उतर सका। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार शिकायतें लगातार आने के कारण रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। डीएसई के अनुसार रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक हफ्ते का समय और दिया गया है। साथ ही अभिभावक प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अब 20 मई तक शिकायत दे सकते हैं। चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट नितिन गोयल का आरोप है कि विभाग निर्धारित तिथि के बाद स्कूलों की शिकायतों को स्वीकार नहीं करेगा। जबकि शिकायत अभिभावक कभी भी कर सकते हैं। 

शिक्षा विभाग की नई पॉलिसी को देखने के बाद ही इस पर कमेंट कर सकूंगा। शुक्रवार को इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन की मीटिंग में प्रिंसिपल के साथ कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। 
एचएस मामिक, प्रेसिडेंट इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन, चंडीगढ़।   

रूबिंदरजीत सिंह, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ के मुताबिक नई फीस पॉलिसी को शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। लोगों से पॉलिसी संबंधित फीडबैक लिया जाएगा। 
 
सर्वजीत सिंह, शिक्षा सचिव चंडीगढ़  ने बताया कि नई फीस पॉलिसी को राज्यपाल से मंजूरी मिल गई है। लोगों की जानकारी और सुझावों के लिए एजुकेशन डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। 
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