जरूरतमंद महिलाओं की मदद के लिए समाज कल्याण विभाग की शगुन योजना को चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। इसके तहत शहर की महिला स्ट्रीट वेंडर, दिव्यांग, विधवा और एएवाई कार्ड धारक महिलाओं की दो बेटियों की शादी के लिए प्रशासन 31 हजार रुपये की मदद देगा।
योजना का लाभ लेने के लिए समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके अलावा विभाग की निदेशक के कार्यालय से भी आवेदन फॉर्म को हासिल किया जा सकता है और भरने के बाद उसे जमा कराया जा सकता है। जारी आदेश के अनुसार, योजना का लाभ निराश्रित विधवाओं के अलावा नगर निगम से पंजीकृत महिला स्ट्रीट वेंडर, महिला सफाई कर्मचारी, नारी निकेतन, आफ्टर केयर, चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट में रहने वाली युवतियों, अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के लाभार्थी, दिव्यांग व विधवा महिलाओं व अन्य को मिलेगा।
बता दें कि केंद्रीय स्तर पर व लगभग सभी राज्यों में भी अलग-अलग शगुन योजना चलाई जा रही है लेकिन चंडीगढ़ की योजना काफी अलग है। पीएम शादी शगुन योजना को देश के अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसमें शादी से पहले स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली अल्पसंख्यक समुदाय की युवतियों को केंद्र सरकार 51,000 रुपये देती है।
आधे पैसे शादी से पहले और आधे शादी के बाद होंगे जारी
योजना के लाभ के लिए आवेदक महिला को विभागों के चक्कर नहीं काटने पडे़ंगे। विभाग विभिन्न डेटाबेस से आंकड़े लेकर आवेदन को पूरा करेगा और दो किस्तों में उन्हें योजना का लाभ देगा। आधे पैसे शादी से पहले और आधे शादी के बाद दिए जाएंगे। चंडीगढ़ में पहले से एक योजना चल रही है, जिसके अनुसार अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति की विधवा महिलाओं की बेटी की शादी में मदद की जाती है और उन्हें 30 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है लेकिन इस योजना का लाभ शहर की उन सभी विधवा महिलाओं व अन्य वर्गों की महिलाओं को मिलेगा, जिनकी आय डेढ़ लाख से कम है और बेटी की शादी है।