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गांव की टूटी सड़कों पर गुस्साए धर्मपाल, बोले- अधिकारी सो रहे हैं, कांट्रेक्टर पर जुर्माना क्यों नहीं लगाते

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चंडीगढ़। यूटी सचिवालय के कान्फ्रेंस रूम में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल की मौजूदगी में वार्ड एक से लेकर नौ तक के पार्षदों और अधिकारियों के बीच बैठक हुई। लंबित कार्यों को लेकर बुलाई गई इस बैठक में परियोजनाओं पर हो रही देरी पर सलाहकार ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई।
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पार्षदों ने उन्हें जो समस्याएं बताईं, उनमें से कई को मौके पर ही हल कर दिया गया। साथ ही गांव की सड़कों के मुद्दे पर सलाहकार ने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने लटक रहे तार, सीमाओं के सौंदर्यीकरण समेत कई मामलों में काम नहीं होने पर प्रशासन के चीफ इंजीनियर से जवाब तलब किया। यहां तक की कार्रवाई करने तक की बात कह डाली।
टूटी सड़कों के मुद्दे पर नाराज हुए सलाहकार धर्मपाल
पार्षद जसविंदर कौर : गांव की अंदरूनी सड़कें टूटी हुई हैं। लोग गिर रहे हैं। उन्हें चोट लग रही है।
सलाहकार : इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
निगम आयुक्त : गांव जब नगर निगम में आए तो पानी, सीवरेज, सड़कें और इमारतों के लिए 102 करोड़ का एस्टीमेट बना था। 50 करोड़ मिल गए थे। पानी और सीवरेज का काम शुरू कर दिया। बाद में कहा गया कि आगे का काम प्रशासन करेगा।
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चीफ इंजीनियर सीबी ओझा : अब फैसला हुआ है कि निगम ही आगे का काम करेगा। 19.2 करोड़ रुपये कुछ दिनों में नगर निगम को भेज दिए जाएंगे।
सलाहकार: पाइप डालने का काम कब पूरा होगा?
जसविंदर कौर : कई जगह काम हो गया है। वहां की सड़क तो ठीक की जानी चाहिए।
सलाहकार : ठेकेदार को लेवलिंग करके जाना था। उसने ऐसा क्यों किया। नया टेंडर कब होगा?
निगम आयुक्त: हमारे पास जैसे ही प्रशासन से पैसे आएंगे हम टेंडर कर देंगे।
सलाहकार : बारिश का मौसम आने वाला है, फिर कैसे होगा?
चीफ इंजीनियर : बारिश होने पर तो काम नहीं हो पाएगा इसलिए इसलिए सड़क को अभी बराबर कर देना चाहिए।
सलाहकार : ठेकेदार पर जुर्माना क्यों नहीं लगाते। वह सड़क खोद कर कैसे चला गया।
एससी नगर निगम : ठेकेदार का पूरा काम खत्म नहीं हुआ है। वहां काम चल रहा है।
जसविंदर कौर : खुड्डा लाहौरा और खुड्डा जस्सू में काम खत्म हुए 7-8 महीने हो गए हैं।
सलाहकार : एससी निगम आपको कुछ पता ही नहीं है। आप सो रहे हो। निगम जल्द टेंडर लगाए। सड़कें ठीक नहीं हुईं तो चीफ इंजीनियर पर कार्रवाई होगी।
सीमाओं का सौंदर्यीकरण नहीं हुआ, सलाहकार हुए खफा
मेयर सरबजीत कौर : पंचकूला से मनीमाजरा एंट्री प्वाइंट पर हालात बुरे हैं। वहां सौंदर्यीकरण होना चाहिए।
सलाहकार : मैंने कई महीने पहले सभी सीमाओं के सौंदर्यीकरण का काम करने को कहा था।
चीफ इंजीनियर : काम चल रहा है।
सलाहकार : आपसे नहीं होता तो बता दो सीएचबी से करा लेते हैं। जब मैं आया थे, तब मैंने ये काम कहा था।
चीफ इंजीनियर : डेढ़ महीने में काम शुरू हो जाएगा।
सलाहकार : बहुत देरी करते हो। ये बहुत सामान्य काम है। इसे पहले करना चाहिए था।
पार्षद मनोज सोनकर : पंचकूला ज्यादा सुंदर शहर हो गया है।
चीफ इंजीनियर : कई जगहों पर काम चल रहा है।
सलाहकार : इसे जल्दी करें। मैं एक दिन पंजाब के बॉर्डर और एक दिन हरियाणा के बॉर्डर को देखने जाऊंगा।
बंदरों के मुद्दे पर बैठक में लगे ठहाके
पार्षद महेश इंदर सिंह सिद्धू : सेक्टर-7सी और 8सी में बंदरों की बहुत समस्या है।
मुख्य वन संरक्षक देबेंद्र दलाई : 2021 में 57 बंदर पकड़े हैं। लोग खाने-पीने को देते हैं इसलिए ये समस्या है।
सलाहकार : खाना नहीं देने का बोर्ड लगाओ।
पार्षद सिद्धू : बंदर बहुत स्मार्ट हैं। घर में घुसकर खुद फ्रिज खोलकर चॉकलेट, खाना निकाल लेते हैं।
सलाहकार : इलाके में लंगूर की व्यवस्था की जाए तो समस्या दूर हो सकती है।
आनिंदिता मित्रा : बंदर बहुत तेज हैं। पंजाब-हरियाणा सचिवालय में बंदरों को भगाने के लिए लंगूर छोड़ा था लेकिन कुछ दिनों बाद हमने देखा कि बंदर और लंगूर एक साथ बैठकर खाना खा रहे थे। (इसके बाद सभी ने ठहाके लगाए)
पीपीपी मोड पर कम्युनिटी सेंटर बनाए जाएं : सलाहकार
वार्ड नंबर-1 की पार्षद जसविंदर कौर ने गांव की टूटी सड़क, स्कूल, बस शेल्टर, कनाल वाटर लाइन आदि का मुद्दा उठाया। वार्ड नंबर-2 के पार्षद महेश इंदर सिद्धू ने सीएम पंजाब के पास बंद सड़क, रॉक गार्डन के पास शौचालय, हाईकोर्ट में वकीलों के लिए चेंबर, सरकारी मकानों की मरम्मत, साइकिल ट्रैक सहित कई मुद्दे उठाए। वार्ड नंबर-3 के पार्षद व सीनियर डिप्टी मेयर दलीप शर्मा ने सुखना चो के पास वॉकिंग ट्रैक, कम्यूनिटी सेंटर, स्कूल, ग्रेन मार्किट की सड़क, बस रूट, पुलिस लाइन में पानी भरने का मुद्दा उठाया। सलाहकार ने कहा कि हर वार्ड में एक कम्युनिटी सेंटर होना चाहिए, जिसे पीपीपी मोड पर बनाया जा सकता है। वार्ड नंबर-4 की पार्षद सुमन देवी ने लो प्रेशर व खराब पानी, ग्रीन बेल्ट, बिजली की तारें आदि मुद्दे उठाए।
मेयर ने डॉक्टरों के दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया
वार्ड नंबर-5 की पार्षद दर्शना रानी ने डिग्री कॉलेज, बिजली के लटकते तार, इलाके में अस्पताल, शादी के लिए पैलेस और खेल मैदान का मुद्दा उठाया। वार्ड नंबर-6 की पार्षद व मेयर सरबजीत कौर ने प्रसूति वार्ड में डॉक्टरों की तरफ से किए जाने वाले बुरे व्यवहार का मुद्दा उठाया। स्वास्थ्य सचिव ने उन डॉक्टरों के नाम मांगे हैं। इसके अलावा उन्होंने कम्युनिटी सेंटर व एंट्री प्वाइंट्स की सुंदरता का मुद्दा उठाया। वार्ड नंबर-7 के पार्षद मनोज सोनकर ने डिस्पेंसरी, बन रहे स्कूल को गर्ल्स स्कूल घोषित करने, कम्युनिटी सेंटर, पार्किंग समेत कई मुद्दे उठाए। सलाहकार ने सड़क पर गाड़ी खड़े करने वालों के चालान काटने के आदेश दिए। वार्ड-8 के पार्षद हरजीत सिंह ने घरों में पानी घुसने, संपर्क केंद्र, खेल मैदान, डिस्पेंसरी का मुद्दा उठाया। वार्ड नंबर-9 की पार्षद विमला दुबे ने कम्यूनिटी सेंटर व स्कूल बनाने का मुद्दा उठाया।
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