केंद्र सरकार को भी भेजा गया है प्रस्ताव
चंडीगढ़ प्रशासन ने इंडस्ट्रियल प्लॉट को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, काफी समय से इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसलिए प्रशासन ने नई संपत्तियों की नीलामी के लिए नीति में बदलाव करने का मन बना लिया है। इसके पीछे कई कारण हैं।
इज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर केंद्र सरकार जितनी बार रैंकिंग जारी करता है, उसमें चंडीगढ़ पीछे ही रहा है। लीज होल्ड से फ्री होल्ड कन्वर्जन को मंजूरी मिलने के बाद एक तरफ इज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहन मिलेगा। इसे प्रशासन को जहां ज्यादा राजस्व मिलेगा, वहीं चंडीगढ़ की अर्थव्यवस्था में भी तेजी आएगी और निवेश भी बढ़ेगा।
लीज पर 80 फीसदी व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्ति
पिछले कई साल से चंडीगढ़ के उद्योगपति, कारोबारी चंडीगढ़ प्रशासन और केंद्र सरकार से प्रॉपर्टी कन्वर्जन को शुरू करने की मांग उठा रहे हैं। चंडीगढ़ में करीब 80 फीसदी व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्ति लीज पर है। अगर कन्वर्जन को केंद्र सरकार मंजूरी दे देती है तो इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री हो सकेगी। नई इंडस्ट्री के लिए चंडीगढ़ में आने की संभावना बढ़ेगी, क्योंकि लीज होल्ड प्रॉपर्टी पर लोन नहीं होता।