हैरीटेज कहे जाने वाले बस स्टॉप अब जनता के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। अब यूटी प्रशासन इन बस स्टॉप को तोड़ने जा रहा है। प्रशासन ने शहर के 9 बस स्टॉप को तोड़ने का फैसला लिया है।
इनमें से सेक्टर-15, 27, 21, 26, धनास और सेक्टर-19 के बस स्टॉप को तत्काल तोड़ने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इन्हें तोड़ने का काम बुधवार से ही शुरू कर दिया जाएगा।
शहर के अधिकतर बस स्टॉप की हालत बेहद खराब हो चुकी है। कई बस स्टॉप के तो पिल्लर इतने कमजोर हो चुके हैं कि उनकी छत कभी भी गिर सकती है। सोमवार को सेक्टर-15 के बस स्टॉप पर भी कुछ ऐसा ही हुआ था।
यहां बस स्टॉप की छत से ईंटें गिरने के कारण एमए की छात्रा पूजा गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसके सिर पर ईंट लगी थी और उसे फौरन सेक्टर-16 के अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था।
सेक्टर-15 के बस स्टॉप को तोड़ना किया शुरू
सोमवार की घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सेक्टर-15 के बस स्टॉप को तोड़ना शुरू कर दिया है। मंगलवार को प्रशासन के चीफ इंजीनियर एसके चड्ढा इंजीनियरिंग विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। यहां उन्होंने बस स्टॉप की हालत का जायजा लिया और उसे तोड़ने के आदेश दिए।
पार्षद सौरभ जोशी के मुताबिक हर बार यूटी प्रशासन हादसे के बाद ही जागता है। यदि ये हादसा न होता तो प्रशासन का ध्यान बस स्टॉप की जर्जर हालत पर जाता ही नहीं। कई लोग तो बस स्टॉप के नीचे सोते भी हैं। यदि कोई बड़ा हादसा हो गया तो किसी की जान भी जा सकती है।