बाहर से आने वाले वाहनों और हल्के वाहनों के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ा फरमान जारी किया है। इसके तहत अब बाहरी वाहनों को चंडीगढ़ में प्रवेश करने पर एंट्री टैक्स देना होगा। एंट्री टैक्स का पूरा ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है।
किस वाहन पर कितना टैक्स लगेगा इसकी स्लैब भी बना ली गई है। ड्राफ्ट पर प्रशासक की मंजूरी मिलते ही सभी एंट्री प्वाइंट्स पर टैक्स लेना शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल सिर्फ कॉमर्शियल वाहनों पर ही एंट्री टैक्स लगेगा।
बाद में निजी वाहनों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। मोहाली की ओर से चंडीगढ़ में प्रवेश के लिए 16 रास्ते हैं जबकि पंचकूला की ओर से 9 रास्तों से शहर में दाखिला हुआ जाता है।
सभी एंट्री प्वाइंट पर होगी नाकेबंदी
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यूटी प्रशासन इन सभी एंट्री प्वाइंट पर नाकेबंदी करेगा। इसके लिए एसटीए अतिरिक्त स्टाफ भी रखेगा। जो एंट्री करने वाले बाहरी वाहनों से टैक्स वसूल करेगा। टैक्स में किसी तरह की धांधली न हो इसके लिए नाकों पर सीसीटीवी लगाने की भी योजना है।
वाहन चालक को इस बात की छूट रहेगी कि वह टेक्स को डेली बेस या फिर क्वार्टली जमा करवा सकता है। कॉमर्शियल वाहनों को टैक्स के हिसाब से तीन केटेगरी में बांटा गया है। पहली केटेगरी में टैक्सी को रखा गया है जिसमें प्रत्येक टैक्सी से क्वार्टली 1000 रुपये टैक्स के रूप में लिए जाएंगे। हल्के कॉमर्शियल वाहनों पर भी 1 हजार रुपये क्वार्टली टैक्स लगेगा।
वहीं ट्रक-बस इत्यादि भारी वाहनों से क्वार्टली 2 हजार रुपये टैक्स के रूप में वसूले किए जाएंगे। ऑटो को इसमें छूट रहेगी। पहली बार चंडीगढ़ में बाहरी वाहनों पर इस तरह से टैक्स लिया जाएगा। अभी तक चंडीगढ़ में किसी तरह का कोई एंट्री टैक्स नहीं लगता। जिससे दूसरे प्रदेशों के वाहन यहां बिना रोक-टोक के प्रवेश कर जाते हैं।
क्वार्टली 90 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जुटेगा
Entry Tax
एंट्री टैक्स शुरू करने से चंडीगढ़ प्रशासन की बजट संबंधी समस्या खत्म हो जाएगी। इससे क्वार्टली 90 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जुटेगा। शहर में रोजाना करीब 10 हजार कॉमर्शियल वाहन एंट्री करते हैं। महीने में 30 हजार तो तीन महीने में इन वाहनों की संख्या 3 लाख हो जाती है।
अपराध पर भी लगेगा अंकुश
एंट्री टैक्स के नाकों से मोटा रेवेन्यू तो जुटेगा ही साथ ही मॉनीटरिंग भी हो सकेगी। जिससे अपराध पर अंकुश लगेगा। अभी बहुत से मामले ऐसे होते हैं जिनमे अपराधी चंडीगढ़ में घटना को अंजाम देकर मोहाली या पंचकूला निकल जाते हैं। खासकर चेन स्नैचर ऐसा करते हैं। नाके लगने के बाद इन मामलों में कुछ कमी आ सकती है।