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ओमिक्रॉन का डर: चंडीगढ़ में दक्षिण अफ्रीका समेत आठ देशों से आने वाले यात्रियों पर नजर, आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य

Sun, 28 Nov 2021 04:09 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

लोगों की लापरवाही के चलते कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ गई है। चंडीगढ़ में शनिवार को पांच नए मरीज मिले। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तीसरी लहर को न्योता है। इस हफ्ते अब तक 37 मरीज मिल चुके हैं। 
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चंडीगढ़ में कोरोना नियमों के पालन में लापरवाही बरत रहे लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ प्रशासन ने कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन ओमीक्रॉन के खतरे को देखते हुए सख्ती कर दी है। हाई रिस्क वाले आठ देशों से लौटे यात्रियों का एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। यूटी प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि कोविड टेस्ट के साथ यात्रियों को सात दिन के लिए क्वारंटीन भी किया जा रहा है।
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विदेश से आने यात्रियों की पहली रिपोर्ट अगर निगेटिव आती है तो स्वास्थ्य विभाग आठवें दिन दोबारा आरटीपीसीआर टेस्ट करेगा। हाई रिस्क वाले देशों में दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड और जिम्बाब्वे हैं, जहां से लौटने वाले यात्रियों पर सख्त नजर रखी जा रही है। प्रशासन के अनुसार, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाद में भी नियमित रूप से ऐसे यात्रियों को मॉनिटर करती रहेंगी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से दूसरे देशों से लौटने वाले यात्रियों के लिए जारी दिशानिर्देश के तहत ही प्रशासन की तरफ से ऐसा किया जा रहा है। 

दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के नए और अब तक के सबसे खतरनाक वेरिएंट ने पूरे विश्व की चिताएं बढ़ा दी हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना के नए रूप बी1.1529 को वेरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित किया है। इतना ही नहीं डब्ल्यूएचओ ने अफ्रीका के बोत्सवाना में सबसे पहले मिले इस वेरिएंट का नाम ओमीक्रॉन रखा है।
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मत कीजिए लापरवाही, सिर पर है तीसरी लहर

लोगों की लापरवाही के चलते कोरोना संक्रमण की रफ्तार फिर बढ़ गई है। चंडीगढ़ में शनिवार को पांच नए मरीज मिले। स्वास्थ्य विभाग कोरोना के नए स्ट्रेन को लेकर चिंतित है, ऐसे में लोगों की यह लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तीसरी लहर को न्योता है। इस हफ्ते अब तक 37 मरीज मिल चुके हैं। बीते दो महीने में छह दिनों में मिले संक्रमितों की यह सबसे बड़ी संख्या है। वहीं, संक्रमण दर शून्य से 0.7 पर पहुच गई है जबकि वर्तमान में सक्रिय मरीजों की संख्या 52 है।

पर्यटन स्थलों सुखना लेक, रॉक गार्डन, पक्षीशाला में शनिवार-रविवार भारी भीड़ उमड़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि  केस कम होने पर लोगों ने मास्क और शारीरिक दूरी के नियम की अनदेखी शुरू कर दी है, जिससे केस बढ़ रहे हैं। लोग बिना डर के शादी और अन्य समारोह या भीड़भाड़ वाली जगहों पर एकत्रित हो रहे हैं। अगर अब भी नहीं चेते तो चंद ही दिनों में स्थिति गंभीर हो जाएगी। वर्ल्ड हेल्थ एसोसिएशन के सलाहकार डॉ. आरएस बेदी का कहना है कि  दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों में नए स्ट्रेन ने आतंक फैला रखा है। ऐसे में एहतियात व बचाव जरूरी है। 

पूरी क्षमता के साथ कोविड वार्ड सक्रिय करने के निर्देश
कोरोना की बढ़ती रफ्तार को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने फिर से पूरी क्षमता के साथ कोविड वार्ड सक्रिय करने का निर्देश दे दिया है। जीएमएसएच-16 में सर्जिकल, ईएनटी और अन्य वार्डों को फिर से कोविड में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बता दें कि कोरोना के केस कम होने पर प्रशासन ने डेंगू के मरीजों को ध्यान में रखते हुए कुछ दिनों पहले ही आरक्षित वार्ड खोले थे।

कोरोना के 15 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर
मौजूदा समय में कोरोना के 52 सक्रिय मरीज हैं। इनमें से 11 पीजीआई के कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर जबकि तीन संक्रमित आईसीयू में भर्ती हैं। वहीं जीएमएसएच-16 में दो और जीएमसीएच-32 में दो संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है। ये चारों भी ऑक्सीजन सपोर्ट पर ही हैं। शुक्रवार सुबह तक इन दोनों अस्पतालों में कोरोना के एक भी मरीज भर्ती नहीं थे।

इस हफ्ते मिले मरीज
इस सप्ताह सोमवार से लेकर शनिवार तक मिले कुल 37 मरीजों में से सोमवार को चार, मंगलवार को पांच, बुधवार को 6, वीरवार को 9, शुक्रवार को आठ और शनिवार को पांच मरीज मिले।
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