प्रशासक के सलाहकार ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण किया जाए। वहीं, केंद्र सरकार ने जो दिशानिर्देश जारी किए हैं, उनका सख्ती से पालन किया जाए। अगर शहर की जनता ये सब करेगी तो तीसरी लहर का खास असर नहीं होगा।
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बीते कई दिनों से शहर में नए केसों की संख्या स्थिर है। ऐसे में यह कह सकते हैं कि कोरोना के केस शहर में पीक पर या उसके आसपास हैं इसलिए प्रशासन को अंदाजा है कि तीसरी लहर अगर आती है, तो हमें कितनी सुविधाओं की जरूरत होगी। दूसरी लहर से सबक लेते हुए मेडिकल ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर ही की जा रही है। हालांकि उन्होंने भी टीकाकरण को बढ़ाने पर ही जोर देने की बात कही।
केंद्र ने कहा, अस्पतालों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर करें काम
यूटी प्रशासन के अधिकारियों की स्वास्थ्य मंत्रालय, नीति आयोग, गृह मंत्रालय व कैबिनेट सचिव के साथ समीक्षा बैठकें होती रहती हैं। बीते दिनों वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हुई एक बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि शहर में परीक्षण, गहन कार्रवाई और वैश्विक महामारी की स्थानीय स्तर पर रोकथाम, अस्पताल के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, मानव संसाधनों को बढ़ाने, ऑक्सीजन के तर्कसंगत उपयोग आदि को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने टीकों के बेहतर प्रतिरक्षण के लिए टीकाकरण की दोनों खुराक लेने के महत्व पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। गौरतलब है कि भारत सरकार के ही मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार ने कहा था कि तीसरी लहर का आना निश्चित है और इसमें बच्चों पर ज्यादा असर हो सकता है। एक्सपर्ट्स की सलाह के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र सरकार से तीसरी लहर को लेकर चिंता व्यक्त की है।