चंडीगढ़ में हुक्का के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध को यूटी प्रशासन ने शुक्रवार को दो महीने के लिए और बढ़ा दिया। इस संबंध में डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने आदेश जारी कर दिया है। आदेश के अनुसार, शहर के किसी भी बार, क्लब, डिस्कोथेक, रेस्टोरेंट आदि में किसी तरह का हुक्का नहीं परोसा जाएगा। अगर ऐसा होता है तो संबंधित क्लब, बार आदि पर ताला लगाने के साथ मालिक को जेल भी जाना पड़ सकता है।
डीसी की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि शहर में गुपचुप तरीके से हुक्का बार चलाया जा रहा है। फ्लेवर्ड हुक्का के नाम पर निकोटिन वाला हुक्का भी परोसा जा रहा है। तंबाकू के अलावा अन्य तरह के केमिकल वाला हुक्का भी इस्तेमाल किया जा रहा है जो कि शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। इसके अलावा हुक्के का इस्तेमाल करने वालों में कोरोना संक्रमण की आशंका ज्यादा है।
वहीं, हुक्का पीने वाले फेफडे़ संबंधी रोग के शिकार हो सकते हैं, जो कोरोना संक्रमण की स्थिति में ज्यादा गंभीर साबित हो सकता है। इतना ही नहीं हुक्के से जुड़े पाइप को एक दूसरे के साथ साझा किया जाता है, जो कोरोना संक्रमण का कारण हो सकता है इसलिए इस पर प्रतिबंध लगाया गया है।
डीसी का यह आदेश अगले 60 दिन यानि 13 फरवरी 2021 से 13 अप्रैल 2021 तक लागू रहेगा। इस दौरान अगर किसी भी क्लब, बार, डिस्कोथेक, रेस्टोरेंट में इस आदेश का उल्लंघन किया गया तो उसके मालिक के खिलाफ आईपीसी 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि शहर में क्लब और डिस्कोथेक में युवाओं की भारी भीड़ जमा हो रही है। भीड़ के पहुंचने का एक बड़ा कारण शहर के विभिन्न क्लबों में परोसे जाने वाला हुक्का है इसलिए ही प्रशासन ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है।