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चंडीगढ़ प्रशासन ने पलटा CHB का फैसला, लाखों लोगों को झटका

Thu, 05 Jan 2017 09:49 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस - फोटो : डेमो फोटो
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यूटी प्रशासन ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के एक फैसले को पलटते हुए लाखों लोगों को बड़ा झटका दिया है। सीएचबी ने सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट की पांच साल की लॉकिंग पीरियड की शर्त हटाते हुए फीस में एक लाख रुपये की छूट देने का फैसला लिया था, लेकिन इस फैसले पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। मालूम हो कि सीएचबी की गवर्निंग बाडी ने पिछले साल सितंबर माह में एक लाख रुपये नहीं लेने का फैसला लिया था।
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ऐसे में सेक्टर-63 के हाउसिंग प्रोजेक्ट में अलाटी से फ्लैट खरीदना एक लाख रुपये और महंगा हो गया है। जबकि फ्लैट की कीमत की 15 प्रतिशत ट्रांसफर फीस देनी होगी। इसके बाद जीपीए होल्डर (खरीदार) के नाम पर फ्लैट ट्रांसफर किया जाएगा। सीएचबी ने पिछले साल एक मार्च को सेक्टर-63 की हाउसिंग स्कीम के फ्लैट्स से 5 साल की लॉकिंग पीरियड की शर्त हटा दी थी।

इसके बाद खरीदार से एक लाख रुपये वन टाइम चार्ज करने का निर्णय लिया गया था। सितंबर में लोगों के दबाव के बाद इस फीस को छोड़ने का फैसला लिया गया था। वर्ष 2014 में ही अक्तूबर माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रोजेक्ट के लोकापर्ण के बाद फ्लैट्स का कब्जा अलाटियों को दिया था। अलाटी पहले ही अपने फ्लैट्स बेच चुके हैं, जबकि इस समय कई लोग यहां पर फ्लैट्स खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं। इस समय 50 प्रतिशत से ज्यादा फ्लैट सेक्टर-63 में अलाटियों ने दूसरों को बेच दिए है।
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ट्रांसफर फीस पहले से ज्यादा

प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस - फोटो : डेमो फोटो
बोर्ड ने पहले ही ट्रांसफर फीस काफी ज्यादा (15 प्रतिशत) रखी हुई है। इस कारण फ्लैट की कीमत काफी बढ़ गई है। बोर्ड की ओर से यह फीस फ्लैट की कीमत पर ही चार्ज की जा रही है, जिस कीमत पर बोर्ड अलाटियों को फ्लैट दिए है। यहां पर एक से लेकर थ्री बैडरूम तक के 2108 फ्लैट्स हैं। बोर्ड ने वन बैडरूम फ्लैट छह लाख, वन टू बैडरूम 29.17 लाख और थ्री बैडरूम 40 लाख रुपये में बेचे है।

ऐसे में टू बेडरूम फ्लैट के लिए ट्रांसफर फीस साढ़े चार लाख और थ्री बेडरूम फ्लैट के लिए 6 लाख रुपये चुकानी पड़ रही है। सभी फ्लैट्स लीज पर हैं। खरीदारों को ट्रांसफर फीस के बाद यदि अपने फ्लैट को फ्री होल्ड करवाना है तो उसके लिए भी लाखों रुपये खर्च करने पड़ेंगे। यही नहीं फ्लैट की कन्वेंस डीड के लिए अलग से रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

इस समय ओपन मार्केट में सीएचबी का टू बेडरूम का फ्लैट 60 लाख और थ्री बेडरूम का फ्लैट 90 लाख रुपये में बिक रहा है। चंडीगढ़ प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट राजकुमार पाल का कहना है कि पहले ही 15 प्रतिशत ट्रांसफर फीस काफी ज्यादा है और अब लाकिंग पीरियड हटाने के बाद एक लाख रुपये की फीस अलग से चार्ज की जा रही है। इससे फ्लैट काफी महंगा हो गया है।
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सीएचबी ने लिया था ये फैसला

फ्लैट्स - फोटो : demo pic
बोर्ड के सदस्य प्रेम कौशिक का कहना है कि उनके प्रस्ताव पर ही गवर्निंग बाडी ने 5 साल की लॉकिंग पीरियड हटाने की शर्त का फैसला लिया था। इसके बाद एक लाख रुपये की फीस चार्ज करने का फैसला पलटा गया था, लेकिन प्रशासन ने इस पर मंजूरी नहीं दी है। सलाहकार से मिलकर इस पर मंजूरी देने की मांग करेंगे।

हाउसिंग सोसायटी में फ्लैट ट्रांसफर करना सस्ता
हाउसिंग बोर्ड की ओर से फ्लैट ट्रांसफर करने की फीस काफी बढ़ा दी गई है, लेकिन दक्षिणी सेक्टरों में जो हाउसिंग सोसायटियां हैं उनके फ्लैट ट्रांसफर करवाना काफी सस्ता है। हाउसिंग सोसायटीज का ए कैटेगरी का थ्री और फोर बेडरूम का फ्लैट एक लाख रुपये में ट्रांसफर किया जा रहा है।

बी कैटेगरी के सोसायटी फ्लैट के लिए ट्रांसफर फीस 50 हजार और सी कैटेगरी के फ्लैट के लिए 30 हजार है। ए कैटेगरी का सोसायटी फ्लैट एक करोड़ रुपये से अधिक का है। हाउसिंग सोसायटीज के सेक्टर-48 से लेकर सेक्टर-50 तक 10 हजार फ्लैट्स हैं।
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