वित्त वर्ष 2017-18 केलिए यूटी प्रशासन को बुधवार को बजट मिलेगा। यह बजट वित्त मंत्रालय की ओर से दिया जाएगा। इस बार केंद्र से बजट में 2163 करोड़ की मांग की गई है जबिक शहर को स्मार्ट बनाने के लिए 6151.56 करोड़ मांगा गया है।
इस बार अगर चंडीगढ़ के बजट में कटौती नहीं हुई तो यहां के सभी प्रोजेक्ट पर काम हो सकेगा। पिछले साल दो हजार करोड़ नहीं मिल पाने के कारण सभी प्रोजेक्ट अधूरे रह गए।
कर्मचारियों की सैलरी 1800 करोड़ और बिजली खरीद में 700 करोड़ रुपये का बजट खर्च होता है। यह नॉन प्लान में रखा जाता है।