चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने मंगलवार को डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में ट्रैफिक जाम, बढ़ते ऑटो की संख्या, साइकिल ट्रैक, ब्लैक स्पॉट, हादसों की संख्या समेत कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। खेर ने कई मुद्दों पर फील्ड सर्वे करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव प्रदुमन सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ एसटीए में लगभग 6000 ऑटो पंजीकृत हैं जबकि मोहाली और पंचकूला से करीब 10,000 ऑटो शहर पहुंच रहे हैं। उन्होंने इस दौरान एक प्रेजेंटेशन भी दी। इसमें बताया कि शहर के कई सड़कों की स्पीड लिमिट को ठीक किया गया है। ट्रैफिक डीएसपी उदय पाल सिंह ने बताया कि एक जनवरी 2021 से लेकर 22 अगस्त 2022 के बीच शहर में 142 सड़क हादसे हुए हैं।
किरण खेर ने कहा कि सड़क हादसों के कारणों की पहचान के लिए रोड एक्सीडेंट एनालिसिस सेल और रोड सेफ्टी इंप्लीमेंटेशन सेल को स्टडी करनी चाहिए। उसमें जो भी नतीजे उन्हें मिलते हैं, वे इंजीनियरिंग विभाग और नगर निगम से साझा किए जाने चाहिए, ताकि हादसों की संख्या में कमी लाई जा सके। सेक्टर-33/45 के चौराहे को बंद करने के संबंध में ट्रैफिक पुलिस की ओर से एक स्पॉट सर्वेक्षण किया गया था और सिफारिश की गई कि सेक्टर-33/45 लाइट प्वाइंट पर पहले से स्थापित स्वचालित ट्रैफिक कंट्रोल लाइट को हटा दिया जाए और इस स्थान पर मजबूत लोहे की ग्रिल के साथ डिवाइडर स्थापित किया जाए। इस फैसले के बाद एमसी की ओर से टेंडर निकाला गया, लेकिन लोग सेक्टर-45 की ओर से स्लिप रोड की मांग कर रहे हैं। इस पर किरण खेर ने कहा कि उक्त मुद्दे की सभी पहलुओं पर फिर से समीक्षा की जाए।
मोहाली-पंचकूला से आने वाले ऑटो पर कोई कंट्रोल नहीं
प्रदुमन सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ में एसटीए के पास करीब 6000 एलपीजी-सीएनजी ऑटो पंजीकृत हैं। इसके अलावा मोहाली और पंचकूला से करीब 10,000 ऑटो चंडीगढ़ में पहुंच रहे हैं। इनमें पंजाब से 497 और हरियाणा से 15 ऑटो के काउंटर साइन हुए हैं। हालांकि समस्या यह है कि जब तक इनकी संख्या 500-500 नहीं होगी, एसटीए भी मोहाली-पंचकूला से आने वाले ऑटो पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। एसटीए को निर्देश दिए गए हैं कि वह जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करे। बैठक में बताया गया कि एसटीए ने मई 2021 से 22 अगस्त 2022 के बीच में 1051 चालान काटे हैं। पुलिस ने 12148 चालान काटे गए हैं।
इन पांच जगहों पर होते हैं सबसे ज्यादा हादसे
बैठक में बताया गया कि शहर में वर्तमान में पांच ब्लैक स्पॉट हैं, जहां सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं। इसमें ओल्ड एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट, हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट, पोल्ट्री फॉर्म चौक, ट्रिब्यून चौक और आईएसबीटी-43 के सामने की सड़क है। भिखारियों के मुद्दे पर कहा गया कि विभिन्न टीमों ने सेक्टर-34, 35 और 36 में एक सर्वे किया है। यहां कई परिवार सड़कों पर रह रहे हैं। ये राजस्थान और मध्य प्रदेश के हैं। नगर निगम की मदद से इन्हें ट्रैफिक लाइट प्वाइंट से हटाया गया है। नियमित जांच भी की जा रही है।