चंडीगढ़। सेक्टर-20 स्थित श्री चैतन्य गौड़ीय मठ में मंगलवार को 21 दिवसीय चंदन यात्रा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन अक्षय तृतीया पर शुरू हुआ। मठ से जुड़े संन्यासियों और श्रद्धालुओं ने चंदन को घिसकर तैयार किया। इसके बाद भगवान को लेप किया। बुधवार सुबह से चंदन का शरबत भक्तों को प्रसाद के रूप में दिया जाएगा। दिन में किया गया चंदन का लेप रात में उतारा जाएगा। उतारे हुए चंदन को शरबत में मिलाकर भक्तों में बांटा जाएगा।
मठ के प्रवक्ता जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर मठ मंदिर में सुबह से ही कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। मंगला आरती के बाद प्रवचन और हरिनाम संकीर्तन का आयोजन हुआ। स्वामी वामन महाराज ने भक्तों को संबोधित किया और मठ में आए श्रद्धालुओं को चंदन यात्रा के महत्व को विस्तार से समझाया।
वामन महाराज ने कहा कि 500 वर्ष पूर्व माधवेंद्र पुरी नाम वैष्णो भक्त को भगवान कृष्ण ने स्वप्न में दर्शन दिया। दर्शन देकर उन्होंने कहा कि उनका शरीर गर्मी के कारण तप रहा है। इसे शीतल करने के लिए पुरी धाम स्थित मलयगिरि पर्वत से चंदन लाकर लेप किया जाए। भगवान की आज्ञा पाकर मानवेंद्र पुरी चंदन लेने पुरी धाम निकल पड़े। तब से यह प्रथा निरंतर चली आ रही है।
जय प्रकाश गुप्ता ने बताया कि मलयगिरि पर्वत का चंदन सर्वश्रेष्ठ एवं सुगंधित माना जाता है। उसी चंदन को घिसकर भगवान को लेप किया गया। इस अवसर पर भगवान श्री राधा माधव जी को वृंदावन से तैयार करके लाई आकर्षक ब्रज शैली वाली पोशाक धारण करवाई। प्रतिदिन मठ के श्रद्धालु सुबह से दोपहर तक चंदन को घिसकर भगवान का लेपन करेंगे।