माता चंद कौर के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए नामधारी समुदाय का मार्च
- फोटो : अमर उजाला
लुधियाना में नामधारी पंथक एकता एक्शन कमेटी के बैनर तले ठाकुर दलीप सिंह के समर्थकों ने वीरवार को शांति मार्च निकाला। विश्वकर्मा चौक से शुरू होकर मार्च मिनी सचिवालय तक पहुंचा। वहां पर डीसी और पुलिस कमिश्नर को मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
एक्शन कमेटी ने प्रशासन से मांग की है कि माता चंद कौर के हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इसके अलावा श्री भैणी साहिब स्थित नामधारी दरबार की ओर से ठाकुर दलीप सिंह पर लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
कमेटी ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से अपील की है कि नामधारी समुदाय के दोनों गुटों में एकता कराई जाए। यदि कोई तीसरा धड़ा नामधारी समुदाय का नुकसान कर रहा है तो उसका असली चेहरा सामने लाया जाए।
डीसी और पुलिस कमिश्नर को सौंपा मांगों का ज्ञापन
माता चंद कौर के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए नामधारी समुदाय का मार्च
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इंटरनेशनल नामधारी संगत के चेयरमैन जसविंदर सिंह के अलावा नामधारी पंथक एकता एक्शन कमेटी के प्रधान सूबा दर्शन सिंह, हरविंदर सिंह के नेतृत्व में ठाकुर दलीप सिंह के समर्थक विश्वकर्मा चौक में इकट्ठा हुए। वहां से पैदल मार्च जगरांव पुल पहुंचा।
जगरांव पुलिस पर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की प्रतिमाओं पर नमन करने के बाद मार्च दुर्गा माता मंदिर, भारत नगर चौक होता हुआ मिनी सचिवालय पहुंचा। मार्च में आगे छोटे टैंपो पर माता चंद कौर और ठाकुर दलीप सिंह के बचपन की फोटो लगी थी।
संगत ने माता चंद कौर को गिरफ्तार करों समेत कई तरह के पोस्टर थाम रखे थे। मिनी सचिवालय में डीसी और पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख को ज्ञापन दिया गया। औलख ने कहा कि विशेष जांच टीम इस केस को हल करने के लिए दिन रात मेहनत कर रही है।
ज्ञापन में उठाए गए मुद्दे
माता चंद कौर के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए नामधारी समुदाय का मार्च
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- माता चंद कौर के हत्यारों को गिरफ्तार किया जाए
- श्री भैणी साहिब वाले माता चंद कौर हत्याकांड को ठाकुर दलीप सिंह से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि इस केस की गुत्थी श्री भैणी साहिब के अंदर से ही सुलझ सकती है। श्री भैणी साहिब वाले सच पर परदा डालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन संगत को प्रशासन पर भरोसा है।
- श्री भैणी साहिब में प्रशासन की मर्जी के बिना परिंदा भी पर नहीं मार सकता, ऐसे में कातिल वहां कैसे पहुंचे।
- माता चंद कौर ने 2006 और 2008 में नामधारी पंथ में एकता कराई थी, लेकिन स्वार्थी तत्वों ने एकता ज्यादा देर रहने नहीं दी। कुछ समय से माता चंद कौर फिर से एकता के लिए यत्नशील थीं और इसे लेकर जल्दी की महत्वपूर्ण एलान करने वाली थीं।
- संगत ने मांग की है कि ज्ञापन में दिए तमाम मुद्दों पर विचार किया जाए और कातिलों को शीघ्र ही पकड़ा जाए।