पानी की तलाश में रविवार रात एक सांभर भटककर खुड्डा अली शेर में पहुंच गया। वहां लावारिस कुत्ते उसे रात भर दौड़ाते रहे। उसने खेतों में बने कूड़ा घर के पीछे छुप कर अपनी जान बचाई। सुबह हुई तो लोगों ने उसे देख कर वन विभाग को सूचना दी। सुबह सात बजे ही कर्मचारी पहुंच गए।
कर्मचारी जब उसे पकड़ने लगे तो उसने भागने की कोशिश की मगर इतना थका हुआ था कि कुछ कदम चलकर ही लड़खड़ा कर गिर पड़ा। कर्मचारियों ने जाल फेंका और उसे पकड़ लिया। सांभर के शरीर पर कोई खरोंच नहीं मिली। इससे लगता है कि कुत्ते उसके पास फटक नहीं पाई।
पीयू में घुसा नील गाय का बच्चा
पीयू में दोपहर करीब 12 बजे नील गाय का बच्चा घुस आया। वाहनों के हार्न बजते ही वह तेजी से इधर से उधर से भागने लगा। कुछ देर तो लोगों को समझ में नहीं आया कि आखिर माजरा क्या है।
बाद में लोगों ने इसकी सूचना सिक्योरिटी विंग को दी। सिक्योरिटी विंग ने तुरंत इसकी सूचना फारेस्ट डिपार्टमेंट को दी। सूचना मिलते ही फारेस्ट के कर्मचारी पहुंचे और उसे पकड़ने की कोशिश की। बच्चा होने के कारण वह तेजी से भाग रहा था। बाद में उसे पकड़ लिया गया।
इंडस्ट्रियल एरिया में रसेल वाइपर
इंडस्ट्रियल एरिया के गोदरेज फैक्टरी से कर्मचारियों ने रसेल वाइपर पकड़ा। यह कोबरा से भी खतरनाक होता है। कर्मचारियों ने बताया कि वह गोदरेज की फैक्टरी में बैठा हुआ था।
एक कर्मचारी की नजर उस पड़ गई। कर्मचारियों ने इसकी सूचना पहले पुलिस को दी। पुलिस के कंट्रोल रूम से फारेस्ट विभाग का नंबर मिला। सूचना मिलते ही कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उसे दबोच लिया।