हरियाणा गो-सेवा आयोग की ओर से बकरीद पर मेवात में बिरयानी के सैंपल लिए जाने के आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका के जरिए चुनौती दी गई है। वीरवार को जस्टिस एसएस सरों व जस्टिस लीजा गिल की डिवीजन बेंच ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई छह अक्तूबर को होगी।
मेवात के एडवोकेट हसीन की ओर से एडवोकेट मोहम्मद अरशद के मार्फत दायर याचिका में कहा गया है कि इस मामले में आम लोगों से जिस तरह का व्यवहार किया गया है, उससे याची को लगता है कि वह भी एक पीड़ित है। इस पर डिवीजन बेंच ने सरकारी वकील से अगली तारीख पर जवाब फाइल करने के आदेश देते हुए कहा कि अदालत केवल यह जानना चाहती है कि क्या राज्य सरकार ने कानून के अनुसार कार्रवाई की है। कहीं, इससे किसी तरह की अशांति तो नहीं पैदा हो रही। इसके साथ ही अदालत ने यह आदेश भी दिए कि प्रदेश सरकार प्रवेंशन आफ फूड एडल्टरेशन एक्ट 1954 के सेक्शन 15 के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच तो कर सकती है, लेकिन यह काम सक्षम अधिकारी फूड इंस्पेक्टर या मेडिकल प्रैक्टिशनर ही कर सकते हैं, गो-सेवा आयोग नहीं।