चैत्र नवरात्र का शुभारंभ आठ अप्रैल से हो रहा है। यह नवरात्र अश्विनी नक्षत्र, मेष और मीन लग्न में प्रारंभ हो रहा है। मेष का स्वामी मंगल है। अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु और मीन का स्वामी बृहस्पति है।
यह कहना है सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का। उन्होंने कहा कि मीन राशि के स्वामी बृहस्पति के पंचम स्थान में होने के कारण यह नवरात्र बहुत ही शुभ रहेगा। चंडीगढ़ की राशि मीन है। इसलिए यह नवरात्र चंडीगढ़ वासियों के लिए सुख समृद्धि और शांति लेकर आएगा।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
जय श्री राम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख राम बहादुर मिश्रा, सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे और सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री का कहना है कि कलश स्थापना के लिए चैत्र नवरात्र में शुक्रवार को सुबह छह बजकर सात मिनट से सुबह आठ बजकर 10 मिनट तक सबसे उत्तम मुहूर्त है।
इसके बाद 8 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक मध्यम है। अगर इस समय में किसी कारण से घट स्थापना नहीं हुई तो अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11.30 बजे से 12:25 तक कलश स्थापना करनी चाहिए। आठ अप्रैल को पहला नवरात्र है। जबकि तीसरा और चौथा नवरात्र 10 अप्रैल को है। अष्टमी 14 अप्रैल को और नवमी 15 अप्रैल को है।