अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने पंजाब को 530 करोड़ रुपये की स्पेशल ग्रांट जारी की है, जिससे प्रदेश में सभी विकास कार्य रफ्तार पकड़ेंगे। कैपिटल एक्सपेंडिचर के तहत यह राशि जारी की है जिससे सरकार भवनों के निर्माण, मशीनरी की खरीद समेत अन्य विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ा पाएगी।
कोरोना के समय से ही विकास को गति देने के लिए केंद्र ने सभी राज्यों को यह ग्रांट जारी करना शुरू किया था और अब वर्ष 2025-26 के लिए पंजाब को यह ग्रांट जारी की गई है। राज्य को पिछले साल 2269 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली थी। उस हिसाब से अभी यह ग्रांट कम है लेकिन राज्य को उम्मीद है कि इस वित्तीय वर्ष में आगे भी केंद्र की तरफ से और ग्रांट जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान भी कई बार केंद्र के समक्ष स्पेशल ग्रांट जारी करने का मुद्दा उठा चुके हैं। विशेषकर बॉर्डर जिलों के लिए सूबा सरकार केंद्र से विशेष पैकेज जारी करने की मांग कर रही है। वर्ष 2020-21 में कोरोना के समय राज्य को 296 करोड़ की ग्रांट मिली थी। अगर एक साल को छोड़ दें तो उसके बाद इस ग्रांट में बढ़ोतरी होती गई है।
हाल ही में 15वें वित्त आयोग के तहत केंद्र ने ग्रामीण नगर निकायों को 1110 करोड़ रुपये की ग्रांट भी जारी की थी, ताकि गांवों में भी विकास कार्य को गति मिल सके। पंजाब में इस समय सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। साथ ही खेल मैदान तैयार करने का भी काम जारी है। इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए नए भवन बनाने का काम भी चल रहा है। ग्रांट से इन सभी परियोजनाओं में सरकार को फायदा होगा।
हालांकि केंद्र ने ग्रामीण विकास निधि (आरडीएफ) का 6 हजार करोड़ रुपये का बकाया जारी नहीं किया है। राज्य पिछले काफी समय से केंद्र के समक्ष यह मामला उठा रहा है।