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केंद्रीय मंत्री वीके सिंह बोले- सीएए विरोध के पीछे विपक्षी दल, देश की छवि करना चाहते हैं खराब

Sun, 01 Mar 2020 05:06 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरवाला (हरियाणा)
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जनरल वीके सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग राज्यमंत्री और पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह का कहना है कि नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे किसी को इसका विरोध करना पड़े, बल्कि इसका विरोध करके विपक्षी नेता और दल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को खराब करने का तुच्छ प्रयास कर रहे हैं। 

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डॉ. वीके सिंह रविवार को बरवाला में महर्षि दधीचि परमार्थ ट्रस्ट द्वारा नव स्थापित फिजियोथरेपी एवं योग केंद्र का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कुछ पढ़े-लिखे लोग भी अनपढ़ों की भांति विपक्षी दलों और राष्ट्रविरोधी ताकतों के हाथों में खेल रहे हैं। ऐसे लोग बेवजह धरना प्रदर्शन कर और सार्वजनिक रास्तों को रोककर बेवकूफों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। 

राष्ट्र विरोधी ताकतों ने जो भ्रम फैलाया है, उसे निकालकर फेंक देना चाहिए
राष्ट्र विरोधी ताकतों ने नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर जो भ्रम फैलाया है, उसे निकालकर फेंक देना चाहिए। इस कानून से किसी के साथ भी कोई नाइंसाफी नहीं होगी, क्योंकि यह नागरिकता देने का कानून है, न कि किसी की नागरिकता छीनने का। 

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एनपीआर देश में पहले से चालू

वीके सिंह ने कहा कि सीएए पर जब विपक्षी दलों की पोल खुलने लगी तो उन्होंने एनपीआर पर भी भ्रम फैलाना शुरू कर दिया। एनपीआर पर उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया देश में पहले से चालू है।

जनगणना के अनुसार प्रत्येक 10 साल बाद देश के नागरिकों की संपूर्ण जानकारी लेना मात्र ही एनपीआर का काम है। लगभग 10 साल पहले पूर्व मंत्री पी चिदंबरम ने एनपीआर के तहत देश की तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को पहचान पत्र दिया था, तब इस बात को लेकर किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी। 

एनपीआर को लेकर कार्य करने वाली कांग्रेस अब मौकापरस्त राजनीति के तहत इसका विरोध करने में लगी है। कांग्रेस पार्टी विश्व पटल पर भारत की छवि को खराब करने के नित नए प्रयास कर रही है। इसी प्रकार से एनआरसी सिर्फ असम में लागू हुआ है, वो भी उच्चतम न्यायालय के आदेश से लागू किया गया है, बाकी जगह तो इसे लागू करने के लिए अब तक कोई मानक ही तय नहीं हुए हैं। 

इस मौके पर डॉ. हर्षमोहन भारद्वाज, जीजेयू के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, गृह मंत्रालय से निदेशक चित्रलेखा, एचएसएससी सदस्य भोपाल सिंह, पूर्व सदस्य देवेंद्र यादव, डॉ. कुलदीप शर्मा, महेंद्र सेतिया, डॉ. कृष्ण चंद शर्मा, नरसिंह सेलवाल, वीरेंद्र गुप्ता, अश्विनी बजाज, मुकेश शर्मा, सुरेश शर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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