पंजाब में आतंक के बादल फिर से मंडराने लगा है। सात महीने में पंजाब में दूसरी बार आरपीजी अटैक और साल में चौथी बार पुलिस थाने पर आतंकी हमले को अंजाम दिया गया है। इन हमलों से साफ है कि सीमा पार से हथियारों की तस्करी पर फिलहाल रोक नहीं लगी है। हमले में इस्तेमाल ग्रेनेड सीमा पार से आया था। इससे पहले नौ मई को पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हमला किया गया था। इस हमले में भी आरपीजी का इस्तेमाल किया गया था। यह चूंकि हमला देर शाम हुआ था, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ।
इसी तरह नवांशहर में अपराध जांच एजेंसी के कार्यालय में पिछले साल 7 नवंबर की रात को मुख्य गेट पर ग्रेनेड फेंके जाने से पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए थे। इसके दो हफ्ते बाद 21 नवंबर, 2021 को पठानकोट में सेना की छावनी के त्रिवेणी गेट के पास मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने ग्रेनेड फेंके थे। इसी साल नौ मार्च 2022 को नूरपुर बेदी-नंगल मार्ग पर रोपड़ के नूरपूरबेदी की पुलिस चौकी कलमां पर ब्लास्ट किया गया।
इन हमलों से जहां आतंकियों के हौसले बुलंद होते हैं, वहीं पुलिसकर्मियों का मनोबल गिरता है। एजेंसियों के आला अधिकारियों के अनुसार पंजाब में अभी भी टिफिन बम व विस्फोटक सामग्री है। इसे पंजाब में आतंकवाद जिंदा करने की कोशिश के लिए पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये भेजा गया है। लिहाजा, पंजाब पुलिस ने सूबे में हाई अलर्ट जारी कर सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है। रिपोर्ट में यह भी जिक्र था कि ड्रोन के जरिये हथियार, आरडीएक्स व टिफिन बम काफी मात्रा में आ चुके हैं। इस काम में बीकेआई व इंडियन सिख यूथ फेडरेशन व बब्बर खालसा की भूमिका है। इन सबके पीछे आईएसआई है और इस समय वह पंजाब के गैंगस्टरों को ऑपरेट कर रही है।
पाकिस्तान से भेजा जा रहा विस्फोटक
एजेंसी को जो इनपुट मिले हैं उसके मुताबिक यह विस्फोटक ड्रोन के जरिये पाक से आया था। पंजाब में टिफिन बम की एक बड़ी खेप इंडियन सिख यूथ फेडरेशन के प्रधान लखबीर सिंह रोडे ने भेजी थी। इसका एक हिस्सा तो पुलिस ने बरामद कर लिया, लेकिन एजेंसियों के मुताबिक अभी भी एक हिस्सा बरामद करना बाकी है। बाकी विस्फोटक कहां व किसके पास है इसे लेकर एनआईए व पंजाब की काउंटर इंटेलिजेंस चिंतित है।
रिंदा को जिंदा रखने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार आईएसआई के इशारे पर खालिस्तान समर्थक आतंकियों ने पंजाब में सक्रिय अपने स्लीपर सेलों के माध्यम इस घटना को अंजाम दिया है। इस अटैक को रिंदा के मरने की खबरों का जवाब माना जा रहा है। आतंकी यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि आतंकी रिंदा अभी मरा नहीं है। सांकेतिक तौर पर इस घटना को अंजाम देकर खालिस्तान समर्थक आतंकियों की ओर से रिंदा के आतंक को जिंदा बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
हाल ही में हुईं घटनाएं
1 : 15 सितंबर 2021: जलालाबाद शहर में हुए धमाके में एक शख्स मारा गया था।
2 : 8 नवंबर 2021: नवांशहर में क्राइम इंवेस्टिगेशन एजेंसी ऑफिस में मध्यरात्रि को ब्लास्ट हुआ।
3 : 23 दिसंबर 2021: लुधियाना के कोर्ट कांप्लेक्स में बम ब्लास्ट हुआ।
4 : 11 जनवरी 2022: पुलिस ने गुरदासपुर से ढाई किलो आरडीएक्स बरामद किया।
5 : 14 जनवरी: अमृतसर में 5 किलो विस्फोटक मिला।
6 : 21 जनवरी: गुरदासपुर से 2 हैंड ग्रेनेड और 4 किलो आरडीएक्स मिला ।
7: 8 मार्च: विधानसभा चुनाव नतीजों से ठीक पहले रोपड़ के नूरपुरबेदी की पुलिस चौकी कलमां की बाहरी दीवार के पास बम ब्लास्ट हुआ।
8 : 23 अप्रैल: चंडीगढ़ स्थित बुड़ैल जेल के बाहर टिफिन बम मिला। उसमें करीब डेढ़ किलो आरडीएक्स भरा हुआ था।
9 : 5 मई: हरियाणा की करनाल पुलिस ने इनोवा सवार चार आतंकियों से चार किलो आरडीएक्स बरामद किया।
10 : 9 मई: तरनतारन में खंडहर में छिपाया साढ़े 3 किलो आरडीएक्स बरामद हुआ।
11 : 10 मई : मोहाली में इंटेलिजेंस हेड क्वार्टर पर रॉकेट लांचर से हमला किया गया।
केंद्रीय गुप्तचर एजेंसियों ने करीब 10 दिन पहले सूबा सरकार को रिपोर्ट भेजकर आगाह किया था कि पंजाब में पाकिस्तान से हथियार व विस्फोटक सामग्री आ रही है। इससे राज्य में आतंकी वारदातों का खतरा है। पंजाब के सीमावर्ती इलाके के तरनतारन में थाने पर रॉकेट लांचर से हमलाकर आतंकियों ने केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट को सही साबित कर दिया है।