पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
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पंजाब के थर्मल प्लांटों के लिए कोयले की सप्लाई और एनटीपीसी से बिजली की विशेष सप्लाई से इंकार करने के बाद केंद्र सरकार ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को एक और झटका दिया है। केंद्र ने पंजाब के लिए ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) की 1100 करोड़ रुपये की राशि पर रोक लगा दी है। इसके लिए केंद्र ने पंजाब सरकार से कहा है कि वह पहले पंजाब ग्रामीण विकास एक्ट 1987 में संशोधन करे, तभी केंद्र सरकार उक्त फंड की राशि जारी करेगी।
उल्लेखनीय है कि आरडीएफ की राशि मंडियों में खरीद केंद्रों के विकास के साथ-साथ पंजाब में ग्रामीण इलाकों में सड़कें और मूलभूत ढांचे के विकास पर खर्च किया जाता है लेकिन पिछली सरकार ने केंद्र से इस फंड के रूप में मिले 1200 करोड़ रुपये किसानों की कर्ज माफी पर खर्च कर दिए थे। केंद्र सरकार ने उस समय भी कैप्टन सरकार से सख्त एतराज जताया था, तब कैप्टन सरकार ने केंद्र को भरोसा दिलाया था कि वह एक्ट में संशोधन करेंगे।
अब उसी मुद्दे को लेकर केंद्र ने नई आप सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि ग्रामीण विकास फंड पैसा खरीद केंद्रों के विकास और गांवों के मूलभूत ढांचे के विकास के लिए दिया जाता है, इसलिए यह फंड इन्हीं मदों पर खर्च होना चाहिए। इसके लिए पंजाब सरकार को अपने पंजाब ग्रामीण विकास अधिनियम 1987 में संशोधन करना चाहिए। इसके बाद ही फंड जारी होगा।
आप ने जताया एतराज- भाजपा ने दी सफाई
केंद्र सरकार द्वारा आरडीएफ रोके जाने पर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मालविंदर कंग ने कहा है कि आप सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि जिस काम के लिए केंद्र से फंड आए तो उसका उपयोग संबंधित मद के लिए ही किया जाए। उन्होंने फंड रोके जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार बदले की भावना से काम न करे। यह पंजाब में पिछली सरकार की नाकामी है, जिसका खामियाजा हमारी सरकार पर डाला जाए।
उधर, पंजाब भाजपा के नेता हरजीत ग्रेवाल ने कहा है कि पिछली बार पंजाब सरकार ने आरडीएफ किसानों की कर्जमाफी पर खर्च कर दिए थे और केंद्र को यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (यूसी) भी नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि यह कानून है और प्रधानमंत्री भी इसे नहीं बदल सकते।