इंडियन ऑयल के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ‘मोबाइल बाउजर डिस्पेंसर‘ से सीधा वाहनों में डीजल नहीं डाला जा सकेगा। खेतीबाड़ी उपकरणों, अस्पतालों, स्कूल, कॉलेज, दफ्तरों, मॉल, सिनेमा, प्री-मिक्स प्लाटों और फैक्टरियों में लगे जरनेटरों, मोबाइल टावर तक जरूरत के अनुसार डीजल पहुंचाया जाएगा। पंजाब के कई वितरकों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। कुछ महीनों बाद लगभग हर जिले में ऐसे वाहन दौड़ेंगे और लोगों के घर बैठे डीजल की जरूरत को बिना अतिरिक्त शुल्क पूरा करेंगे।
स्टोर डीजल से होने वाले हादसे टलेंगे
इंडियन ऑयल के अधिकारी ने बताया कि कुछ लोग कैन में डीजल को स्टोर कर रखते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती थी। इसके अलावा कई भारी वाहन ऐसे हैं, जिन्हें पेट्रोल पंप तक पहुंचने में 4-5 किलोमीटर में ही कई लीटर डीजल खपाना पड़ता था। अब उक्त लोग अपने दफ्तर या संस्थान में डीजल मंगवा सकेंगे।