केंद्र सरकार के पास रिकॉर्ड में ताऊ देवीलाल को उप प्रधानमंत्री बनाने संबंधी नोटिफिकेशन उपलब्ध नहीं है। यह जवाब पंजाब -हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार की आरटीआई में मिला है। 7 नवंबर 2021 को हेमंत ने भारत के राष्ट्रपति सचिवालय में एक आरटीआई याचिका दायर कर देवी लाल को वर्ष 1989 और 90 में केंद्रीय मंत्री और उप प्रधानमंत्री नियुक्त करने संबंधी केंद्र सरकार द्वारा जारी दोनों नोटिफिकेशन्स मांगीं।
तीन दिसंबर को राष्ट्रपति सचिवालय ने उनकी आरटीआई को केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय में ट्रांसफर कर दिया। चार दिन में 7 दिसंबर 2021 को केंद्रीय गृह मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया। बीती 31 दिसंबर को गृह मंत्रालय ने जवाब दिया कि मांगे गए दस्तावेज उनके रिकॉर्ड में भी उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि उनकी आरटीआई को केंद्र सरकार के प्रकाशन विभाग में भेजा जा रहा है, ताकि अगर वह वहां उपलब्ध होगी तो उन्हें प्रदान कर दी जाएगी।
याद हो कि 32 वर्ष पूर्व 2 दिसंबर 1989 को केंद्र में तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय मोर्चा-वाम मोर्चा गठबंधन सरकार में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवी लाल को केंद्रीय मंत्री और उप-प्रधानमंत्री बनाया गया था। वह पहले 1 अगस्त, 1990 तक इस पद पर रहे। इसके बाद वीपी सिंह से राजनीतिक मतभेदों के कारण उन्हें उक्त पद से हटा दिया गया था। हालांकि 10 नवंबर, 1990 को प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नेतृत्व में बनी अगली सरकार में देवी लाल को फिर से केंद्रीय मंत्री और उप-प्रधानमंत्री बनाया गया एवं इस बार वह उपरोक्त पद पर 21 जून, 1991 तक रहे थे।