आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा।
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ड्रग्स मामले में फरार चल रहे शिअद नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के श्री दरबार साहिब में दिखने पर पंजाब की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया है कि सरकार के आशीर्वाद से वह खुलेआम घूम रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी नहीं करने के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने निर्देश दिए हैं। उनके खिलाफ जो भी मुकदमा हुआ है वह सिर्फ एक चुनावी स्टंट है।
आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पंजाब के सह-प्रभारी राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब में नशे के काले कारोबार को खत्म करने के लिए सूबे की जनता से सियासी खेल खेला जा रहा है। पंजाब विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही चन्नी सरकार ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एक कमजोर एफआईआर दर्ज करके महज सियासी ड्रामा रचा है।
रविवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब में नशे के कारोबार को तीन हफ्ते में खत्म करने का वादा करने वाली पंजाब की कांग्रेस सरकार ने पिछले पांच साल में कुछ नहीं किया। अब फिर से विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही एक स्टंट के तहत अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ नशे को लेकर एफआईआर दर्ज करवा कर सूबे की जनता को गुमराह करने की असफल कोशिश की जा रही है।
हो चुका है एक गुप्त समझौता
चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पहले ही अंदेशा जताया था कि पंजाब की चन्नी सरकार और शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल के बीच एक सीक्रेट डील के तहत तय था कि मजीठिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज तो की जाएगी लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। राघव चड्ढा ने बताया कि इसके पीछे की बड़ी वजह लुधियाना सिटी सेंटर के घोटाले में फंसे मुख्यमंत्री चन्नी के भाई को सुखबीर बादल ने बचाया था। इसके बाद अब मजीठिया को छोड़कर चन्नी इस अहसान का बदला चुकाना चाहते हैं।
सिद्धू बना रहे गिरफ्तारी का दबाव
ड्रग्स मामले को लेकर कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं। वे कई बार मजीठिया को लेकर सार्वजनिक मंच से सवाल खड़े कर चुके हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब कांग्रेस प्रधान सरकार पर मजीठिया की गिरफ्तारी को लेकर खासा दबाव बना रहे हैं।
बिक्रम मजीठिया यदि सच्चे हैं तो फिर पुलिस से भाग क्यों रहे हैं। जो भी सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि मजीठिया के खिलाफ की गई कार्रवाई बदला है तो यह आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। यह सिर्फ एक कार्रवाई है और इससे ज्यादा कुछ नहीं। - सुखजिंदर सिंह रंधावा, उपमुख्यमंत्री, पंजाब