कैप्टन के कामकाज पर सवाल उठाते रहे थे बाजवा
दरअसल पंजाब सरकार द्वारा पुलिस सुरक्षा वापस लेने पर बाजवा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर सियासी बदलाखोरी का आरोप लगाया था। पिछले साल पंजाब सरकार ने प्रताप बाजवा को दिया गया पंजाब पुलिस का सुरक्षा कवर ऐसे समय में वापस लिया था, जब बाजवा राज्य में अपनी ही पार्टी की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के कामकाज पर सार्वजनिक तौर पर सवाल उठा रहे थे। दोनों के बीच विवाद उस समय और गहरा गया जब बाजवा ने राज्य में जहरीली शराब कांड को लेकर कैप्टन की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाते हुए राज्यपाल से मामले की सीबीआई जांच की मांग कर दी।
पंजाब पुलिस के 6 जवान और एक एस्कार्ट थे सुरक्षा में तैनात
गृह मंत्रालय की ओर से पिछले साल 19 मार्च को प्रताप बाजवा को जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई। उनके पास निजी सुरक्षा, घर की सुरक्षा और एस्कॉर्ट के लिए सीआईएसएफ के 25 जवान व 2 एस्कार्ट चालक मौजूद हैं।
पिछले साल 23 मार्च तक उनके पास पंजाब पुलिस के 14 कर्मचारी भी तैनात थे, लेकिन उनमें से कुछ को कोविड ड्यूटी के मद्देनजर वापस बुला लिया गया था। अगस्त में बाजवा के पास पंजाब पुलिस के 6 कर्मचारी, चालक और एक एस्कॉर्ट था। इन्हें पंजाब सरकार ने वापस ले लिया था।