सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज कि तीन मिनट से ज्यादा टोल प्लाजा पर रुकना पड़े तो टोल फ्री होता है, इसको लेकर अभी केंद्र ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया चेतन मित्तल को टोल प्लाजा पर लगती कतारों और नो हाल्ट पॉलिसी पर अगली सुनवाई के दौरान केंद्र का पक्ष रखने काआदेश दिया हैं। मामला टोल प्लाजा पर यात्रियों की असुविधा से जुड़ा हुआ है। इसको लेकर फाजिल्का निवासी प्रमोद चौधरी ने याचिका दाखिल की थी।
याचिका पर सुनवाई के दौरान टोल प्लाजा पर भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था न होने के चलते वाहनों की लंबी कतार का मुद्दा उठाया गया। इस मामले में हाईकोर्ट ने बाद में केंद्र सरकार को प्रतिवादी बनाते हुए असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया चेतन मित्तल को नोटिस जारी कर नो हाल्ट पॉलिसी पर जवाब मांगा। इस पर मित्तल ने कहा कि उन्होंने केंद्र के मंत्रालय को पत्र लिखा था लेकिन जवाब आना बाकी है। कोर्ट ने पूछा कि नो हाल्ट पॉलिसी के तहत क्या तीन मिनट से ज्यादा टोल पर इंतजार करने की स्थिति में वाहन बिना टोल दिए जाने का अधिकारी होता है? मित्तल ने कहा कि अभी तक उनके पास केंद्र से कोई इंस्ट्रक्शन मौजूद नहीं है।
देश में तो ट्रैफिक पुलिस के पास पर्याप्त बाईक भी नहीं
केस की सुनवाई के दौरान टोल प्लाजा पर ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि राहगीरों को ट्रैफिक जाम के कारण असुविधा न हो यह सुनिश्चित करना जरूरी है। ऐसे में टोल प्लाजा पर पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। कोर्ट ने कहा कि विदेशों की तर्ज पर हेलीकॉप्टर से निगरानी की क्या बात की जाए जब हमारी पुलिस के पास पर्याप्त बाइक भी नहंी हैं। कोर्ट ने कहा कि पंजाब हर टोल पर पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित करे ताकि खाली बैठे पुलिस वालों को कुछ काम तो दिया जा सके।
टोला प्लाजा वार ब्यौरा सौंपे हरियाणा सरकार
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने हर टोल प्लाजा पर तैनात पुलिस कर्मियों का ब्योरा हाईकोर्ट में सौंपा दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि हरियाणा सरकार भी इसी तर्ज पर हर टोल पर जिन पुलिसकर्मियों की तैनाती का ब्योरा अगली सुनवाई पर सौंपे। इसके साथ ही व्यवस्था और प्रबंधन के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा भी तलब कर लिया है।