फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिश्वत प्रकरण: 7 साल बाद आया फैसला, एआईजी पीएस संधू को तीन साल की सजा

Sat, 04 Aug 2018 09:58 AM IST
अमरीश शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
जेल
विज्ञापन
सीबीआई की विशेष अदालत ने 50 हजार रुपये की रिश्वत मामले में दोषी करार दिए गए पंजाब पुलिस के एआईजी परमदीप सिंह संधू (54) को शुक्रवार को तीन साल की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है हालांकि सजा तीन साल की ही होने के चलते संधू को मौके पर की एक लाख रुपये के बांड पर जमानत मिल गई।
विज्ञापन


8 जुलाई 2011 को सीबीआई को दी शिकायत में निशांत शर्मा ने कहा था कि पंजाब पुलिस के इंटरनल विजिलेंस विभाग में तैनात एआईजी पीएस संधू उनसे तीन लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। यह रिश्वत उसके खिलाफ फिल्लौर और कुराली में दर्ज आपराधिक मामलों में उसे राहत देने की एवज में मांगी जा रही है। संधू ने उससे कहा था कि उसके केस की जांच कर रही मोहाली एसपी बलवंत कौर से उनकी अच्छी जान-पहचान है, उन्हें बोलकर केस को रफा-दफा करवा देंगे।

साथ ही धमकी दी कि रिश्वत के तीन लाख रुपये नहीं देने पर वह उसके खिलाफ रिपोर्ट बनाकर देंगे। इसके बाद निशांत शर्मा ने सीबीआई को शिकायत की। एंटी करप्शन ब्रांच ने शिकायत को जांच में सही पाया। इसके बाद उन्होंने 12 जुलाई को ट्रैप लगाकर एआईजी संधू को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये लेते सेक्टर-28 के एक काफी शॉप से रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन


आरोपी के खिलाफ 200 पेजों की जजमेंट दी गई है। इससे पहले सीबीआई ने संधू के खिलाफ 12 जुलाई 2011 को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 की धारा 7, 13 (2), आर/डब्ल्यू 13 (1) (डी) के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने शिकायतकर्ता निशांत शर्मा की शिकायत की पुष्टि के बाद यह केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें