हरियाणा को 23वें जिले के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा। फिलहाल 2020 और 2021 में यह संभव होता दिखाई नहीं दे रहा। प्रदेश सरकार सोनीपत जिले के गोहाना उपमंडल को नया जिला बनाने पर अंतिम फैसला 2021 में होने वाले जनगणना के बाद लेगी। जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक होने के बाद सरकार यह तय करेगी कि जनसंख्या के लिहाज से गोहाना को जिला बनाया जा सकता है या नहीं।
जिला बनने के लिए गोहाना निर्धारित मानकों पर खरा उतरता भी है या नहीं। गोहाना उपमंडल को जिला बनाने के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त धनपत सिंह ने दिसंबर-2019 में भले ही डीसी अंशज सिंह से जिले के विधानसभा क्षेत्रों के अलावा उपमंडल, तहसील व सबतहसील, जनसंख्या सहित अनेक अहम जानकारियों की गोपनीय रिपोर्ट मांग ली हो, लेकिन नए जिले का गठन दो साल तक होता नहीं दिख रहा।
चूंकि, जनगणना-2021 का काम पूरा होने के बाद रिपोर्ट आने में भी समय लगेगा। गोहाना उपमंडल में खानपुर कलां सब तहसील है। उपमंडल में लगभग 87 गांव हैं। गोहाना शहर की आबादी करीब 70 हजार है। उपमंडल में दो विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनकी आबादी करीब साढ़े चार लाख है।
बिना जनगणना नहीं ले सकते जिला बनाने का फैसला
मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा का कहना है कि अभी गोहाना को जिला बनाने का फैसला नहीं हो सकता। जनगणना-2021 की रिपोर्ट आने के बाद ही सरकार अंतिम निर्णय लेगी। 2011 की जनगणना और उसके बाद बढ़ी जनसंख्या के अनुमानित आंकड़ों के आधार पर जिला स्थापित नहीं किया जा सकता। इसके लिए इंतजार ही करना पड़ेगा।
चरखी दादरी बन चुका जिला, गोहाना, हांसी नहीं बने
पूर्व भाजपा सरकार में चरखी दादरी, गोहाना व हांसी को जिला बनाने की सिफारिश मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट सब कमेटी ने की थी। चरखी दादरी तो जिला बना दिया गया, लेकिन गोहाना, हांसी पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया। गोहाना को जिला बनाने की मांग को लेकर गोहाना बार एसोसिएशन धरना तक दे चुकी है। कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक इसकी मांग विधानसभा में भी कर चुके हैं। वकीलों को मुख्यमंत्री ने गोहाना को जिला बनाने का आश्वासन दिया था।
जिला बनने के लिए 5 से 7 लाख आबादी जरूरी
प्रदेश में किसी क्षेत्र को जिले का दर्जा देने के लिए जरूरी है कि प्रस्तावित जिले का रकबा एक लाख हेक्टेयर से अधिक हो। जिला मुख्यालय से दूरी 30 किलोमीटर से अधिक हो। इसके अलावा ऐसे क्षेत्र के अधीन कम से कम 150-200 गांव, 2-4 तहसील और कम से कम दो उपमंडल होने चाहिए। साथ ही क्षेत्र की आबादी 5-7 लाख होना आवश्यक है।