हादसे को देखकर सबक लेते हुए जीरकपुर स्थित छतबीड़ जू में व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। फैसला लिया गया है कि घग्गर डैम की तरफ छतबीड़ जू के पीछे की दीवारों पर छह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ताकि जू के बाहरी छोर की हर गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और दोबारा कोई पर्यटक जू के पीछे की दीवार से लायन और डीयर सफारी में दाखिल न हो पाए।
इस प्रोजेक्ट पर अगले सप्ताह काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा एक गार्ड की तैनाती भी कर दी गई है। अभी दीवार पर लगीं जो ग्रिलें मुड़ी हुई थीं, उन्हें सही करवाया जा रहा है। वहीं जू की दीवार को ऐसा बनाया जा रहा है कि कोई उसपर चढ़ नहीं पाएगा। इन तमाम खामियों को अमर उजाला ने 22 जनवरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसका संज्ञान लेते हुए छतबीड़ जू प्रशासन ने काम शुरू करा दिया है।
जू की पीछे की दीवार की तरफ फटके तो बताना पड़ेगा कारण
अब छतबीड़ जू के पीछे की दीवार की तरफ फटकने के लिए कारण बताना होगा। बाकायदा हर व्यक्ति की गार्ड द्वारा नाम और पता के साथ एंट्री की जाएगी। वहीं कारण भी बताना होगा कि जू के पीछे की दीवार की तरफ क्यों जा रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं हर आने जाने वालों पर दो गार्ड नजर भी बनाए रखेंगे। एक सुरक्षा गेट भी लगाया जा रहा है। इसपर अगले दो दिनों में काम शुरू कर दिया जाएगा।
अब बाहर से पर्यटकों को कुछ नहीं दिखेगा
अब जू के बाहरी छोर की दीवारों से पर्यटक वन्य प्राणियों को देख नहीं पाएंगे। इसके लिए दीवार से उपर मेटल की करीब दस फुट ऊंची चादर लगाई जा रही है। यह बिल्कुल प्लेन होगा, इस रास्ते अगर कोई जू में दाखिल भी होना चाहे, इसपर चढ़ नहीं पाएगा। छतबीड़ जू के डायरेक्टर ने बताया कि इस रविवार तक फैसला हो जाएगा कि पर्यटकों की लायन सफारी में एंट्री कब से होगी।
क्या कहते हैं जू के डायरेक्टर
छतबीड़ जू के डायरेक्टर एम सुधाकर ने बताया कि निगरानी के लिए डैम की तरफ एक सप्ताह के अंदर छह सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे। वहीं मेटल की चादर लगाई जाएगी। ताकि बाहर से लायन सफारी का नजारा नहीं दिख पाए। वहीं गार्ड की तैनाती भी कर दी गई है, ताकि उधर आने जाने वालों की एंट्री कर सके और निगरानी भी।