इनकी आंखों में चमक भले ही नहीं है, लेकिन जो काम किया है उससे अपने साथ परिवार का भी नाम रोशन कर दिया। सीबीएसई 12वीं के नतीजों में ब्लाइंड स्कूल की दो छात्राएं छा गईं। पुष्पलता ने 80.2 प्रतिशत अंक पाए तो पूनम को 76.8, खास बात है कि दोनों ही छात्राएं राष्ट्रीय स्तर की एथलीट हैं। पढ़ाई के अलावा खेल में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।
सेक्टर-26 स्थित ब्लाइंड स्कूल की टॉपर पुष्पलता अंबाला की रहने वाली हैं और राष्ट्रीय स्तर की एथलीट भी हैं। पिछले साल दिल्ली में हुई राष्ट्रीय स्तर की गेम्स में पुष्पलता ने तीन गोल्ड मेडल जीते। 1500 मीटर, 800 मीटर और 400 मीटर रेस में पुष्पलता ने अव्वल रही। पुष्पलता ने दसवीं की परीक्षा में भी 73 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
पुष्पलता ने बताया कि उसके पिता मिल्क प्लांट में रिकार्ड कीपर करते हैं। जबसे घर पर पता चला है कि स्कूल में टॉप किया है तो खुशी का माहौल है। पुष्पलता की बड़ी बहन अंबाला में बीएड कर रही हैं।
तीन दिव्यांग बच्चों को पढ़ा रहा मिस्त्री, बेटी को मिले 76.8 प्रतिशत
ब्लाइंड स्कूल से 12वीं में 76.8 प्रतिशत अंक पाने वाली पूनम के पिता की भी कहानी प्रेरणादायक है। पूनम के पिता राकेश मिस्त्री हैं और पंचकूला रहते हैं। पूनम के अलावा उसकी एक छोटी बहन भी चंडीगढ़ के ब्लाइंड स्कूल में ही पढ़ती है, जबकि छोटा भाई बोल नहीं सकता और वह पंचकूला के डफ एंड डंब सेंटर में पढ़ाई करने जाता है। इसके अलावा पूनम का एक भाई और एक बहन और भी हैं, जो शारीरिक तौर फिट हैं। पूनम ने बताया कि उसके पापा हम सभी भाई बहनों को पढ़ा लिखाकर कामयाब बनाना चाहते हैं। पूनम ने बताया कि फिलहाल वह दिल्ली में हाउस क्राफ्ट की ट्रेनिंग ले रही हैं और चंडीगढ़ वापस आकर बीए की पढ़ाई शुरू करेंगी। पूनम भी राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं और दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में रिले में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।