चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी अभी भी जारी है। वर्ष 2021 में अब तक कई देशों में 10 बार नीलामी हो चुकी है। इस नीलामी में चंडीगढ़ का फर्नीचर लाखों में बिका। हर बार हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल की तरफ से नीलामी की शिकायत दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई लेकिन अब सीबीआई ने इस मामले में रुचि दिखाई है।
हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने बताया कि वह पिछले कई सालों से विदेश में होने वाली नीलामी की जानकारी गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय व अन्य को दे रहे हैं। अब जाकर बीते दिनों सीबीआई दिल्ली के डीआईजी ने उनसे संपर्क किया है। जग्गा ने बताया कि सीबीआई ने इस मामले की जांच करने में रुचि दिखाई है।
जग्गा ने बताया कि उन्होंने सीबीआई के अधिकारी को पूरे मामले की जानकारी दी है। वह इस साल अब तक हुए 10 नीलामियों की जानकारी को भी सीबीआई के साथ साझा करेंगे। जग्गा ने कहा कि पहली बार सीबीआई की तरफ से इस मामले में संज्ञान लिया जा रहा है। शहर के लिए यह अच्छी बात है, क्योंकि बीते कई सालों से गैर-कानूनी तरीके से शहर का हेरिटेज फर्नीचर विदेश में ले जाकर बेचा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि लगातार शिकायतों के बाद भी चंडीगढ़ प्रशासन विदेश में होने वाली हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी को रोक नहीं पा रहा है। छह जून को फ्रांस में इस साल की 10वीं नीलामी हुई है, जिसमें चंडीगढ़ के कुछ हेरिटेज आइटम्स 92.23 लाख में बिके। इस नीलामी को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर और फ्रांस में भारत के राजदूत को शिकायत भेजी है और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाली इस तरह की नीलामी को रोका जा सके।
शिकायत में जग्गा ने कहा कि भविष्य में हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी को रोकने के साथ ही इस पूरे मामले की जांच की मांग की है कि आखिरकार देश से बाहर ये हेरिटेज फर्नीचर पहुंच कैसे रहा है। जो भी फर्नीचर की तस्करी में शामिल है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा यहां स्थानीय स्तर पर भी इसकी चोरी रोकने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के समक्ष भी इस मुद्दे को उठाने की मांग की है।