सेक्टर-28 में प्रेस और बिजली कॉलोनी में लोगों को अलॉट हुए सरकारी क्वार्टर किराए पर चढ़े पाए गए। इसका खुलासा बुधवार को सीबीआई और चंडीगढ़ विजिलेंस की ज्वाइंट टीम ने छापेमारी के दौरान किया।
छापेमारी के दौरान पता चला कि सरकारी क्वार्टर की देखरेख करने वाले वर्क इंस्पेक्टर सुमन ने ही अपना मकान किराये पर दे रखा था। इसके अलावा दोनों कॉलोनियों में दस लोगों ने अपने क्वार्टर किराये पर दिए हुए थे।
सीबीआई ने सबलेट करने वाले मकान मालिकों और उनमें रहने वाले किरायेदारों की लिस्ट बना ली है। इसके अलावा सीबीआई मामले में मकान किराये पर देने वाले वर्क इंस्पेक्टर सुमन कुमार पर कानूनी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजेगी।
सेक्टर-28 की सोसाइटी में ही रहने वाली एक महिला ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि वर्क इंस्पेक्टर सुमन ने सरकारी क्वार्टर किराये पर दे रखा है।
इसके अलावा प्रेस कॉलोनी और बिजली कॉलोनी में भी सरकारी क्वार्टरों में कई लोग किराये पर रह रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने विजिलेंस के साथ टीम बनाई।
टीमों ने बुधवार सुबह दोनों कॉलोनियों में जाकर उनमें रहने वाले लोगों के बारे में पूछताछ की। किराये पर रहने वाले लोगों ने चेकिंग के दौरान खुद को मकान मालिक बताया, लेकिन सीबीआई के पास असली मालिक के नाम पता और फोटो मौजूद थी। जांच टीम ने किराये पर रहने वाले लोगों का झूठ पकड़कर उनकी लिस्ट बना ली है।
ऐसे की थी महिला ने शिकायत
सेक्टर-28 निवासी शिकायतकर्ता खुद कॉलोनी में किराये पर रहती थीं। वर्क इंस्पेक्टर सुमन जब उक्त महिला के घर किराया लेने गए तो कि सी बात को लेकर उसकी उनके बेटे से कहासुनी हो गई। इस पर वर्क इंस्पेक्टर ने उसे थप्पड़ जड़ दिया था। इसके बाद महिला ने मामले की शिकायत सीबीआई से की।
कोट
सरकारी क्वार्टर किराये पर दिए जाने की शिकायत सीबीआई के पास आई थी। सीबीआई और विजिलेंस ने छापेमारी के दौरान दस मकान किराये पर पाए हैं। इसके अलावा वर्क इंस्पेक्टर ने खुद मकान किराये पर दे रखा था। सीबीआई ने किराये पर मकान देने वाले इंस्पेक्टर और मकान मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए लिस्ट बना ली है।
- तरुण गाबा, एसपी सीबीआई