शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की हत्या की सीबीआई जांच की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 21 जनवरी तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही पंजाब सरकार ने बताया कि मृतक के परिवार को दो सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करवाए गए हैं।
16 अक्तूबर, 2020 को पंजाब के तरनतारन जिले में हमलावरों ने बलविंदर संधू की हत्या कर दी थी। उनकी विधवा जगदीश कौर संधू ने अपने पति की हत्या की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश जारी करने की अपील की है। उन्होंने आशंका जताई कि पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारी असामाजिक तत्वों से जुड़े हैं। ऐसे में उन्हें राज्य पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। याची ने केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों से उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के लिए निर्देश देने की भी मांग की है।
याची ने कहा उन पर और उनके परिवार पर हमला हो सकता है। याचिकाकर्ता ने पंजाब पुलिस के उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है जिनके निर्देश पर उनके परिवार की सुरक्षा वापस ली गई, जिस कारण उसके पति ही हत्या हुई। याचिका के अनुसार 1984 के बाद पंजाब आतंकवाद की गिरफ्त में था तो उनके पति बलविंदर सिंह संधू और पूरा परिवार आतंकवाद के खिलाफ खड़ा था।
उन्होंने कभी अपनी जान और माल की परवाह नहीं की। 1990-1991 में आतंकवादियों ने उन पर कई बार हमले किए गए लेकिन उन्होंने बहादुरी से लड़ाई लड़ी और कभी भी ऐसे हमलों के डर से पीछे नहीं हटे। यह केवल उनकी बहादुरी थी जिस कारण राष्ट्रपति ने 1993 में उनके परिवार के चार सदस्यों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। याचिकाकर्ता ने कहा कि चूंकि आतंकवादियों की याचिकाकर्ता के परिवार के सदस्यों पर बुरी नजर थी, इसलिए 16 अक्तूबर को स्थिति का फायदा उठाते हुए पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई।