पश्चिम बंगाल के मशहूर चितरंजन रेल कारखाने में रिश्वतखोरी के मामले में सीबीआई ने सोमवार को चंडीगढ़ की अदालत में रवि शेखर सिन्हा समेत छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर कर दिया है। सिन्हा के अलावा अन्य आरोपियों में एक निजी कंपनी के निदेशक सोनू अरोड़ा व राजन गुप्ता के अलावा प्रवीण व्यास, पवन कुमार सिंह और विनोद कुमार शामिल हैं।
बता दें कि चितरंजन रेल कारखाने के मुख्य सामग्री प्रबंधक रवि शेखर सिन्हा को 1.8 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई ने 11 फरवरी 2022 को गिरफ्तार किया था। इस दौरान उनके विभिन्न ठिकानों से 1.22 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई थी। पश्चिम बंगाल के चितरंजन रेल कारखाने में छापामारी में सिन्हा के साथ बिचौलिए पवन सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इन सभी आरोपियों पर चंडीगढ़ की एक निजी कंपनी को रेलवे के ठेके में फायदा पहुंचाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है।
चंडीगढ़ की कंपनी को मिला था ठेका, फायदे के लिए की सांठगांठ
सीबीआई को शिकायत मिली थी कि चंडीगढ़ की एक निजी कंपनी को दिसंबर 2021 में चितरंजन रेल कारखाने में 28 बोगी फ्रेम बनाने का ठेका मिला था। इस ठेके में अधिक फायदा लेने के लिए कंपनी के निदेशक सोनू और राजन ने चितरंजन रेल कारखाने के मुख्य सामग्री प्रबंधक रवि शेखर सिन्हा से सांठगांठ कर ली। कंपनी को फायदा पहुंचाने का पूरा सौदा 1.80 लाख रुपये में तय हुआ था। रकम को चितरंजन पहुंचने का काम बिचौलियों को सौंपा गया था। इस पूरे मामले की सूचना सीबीआई के पास पहले से मौजूद थी। सीबीआई की टीम ने दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।