मामले के शिकायतकर्ता गोरा व रणजीत सिंह भी सीबीआई की अदालत में पहुंचे हुए थे। उन्होंने जांच से नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि जब सीबीआई ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी है तो ऐसे में फिर जांच कैसे कर सकती है। केस की जांच पंजाब पुलिस द्वारा गठित एसआईटी को करनी चाहिए।
सरकार ने ऐसे घेरा था सीबीआई को
जानकारी के मुताबिक अदालत में सरकारी वकील ने पहले कहा था कि तीन साल से यह मामला सीबीआई के पास था लेकिन अभी तक उनकी तरफ से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद पिछले साल 28 अगस्त को पंजाब विधानसभा की तरफ से बेअदबी के मामले में सीबीआई से जांच वापस लेने का प्रस्ताव पास किया था।
प्रस्ताव पास होने के अगले दिन ही पर्सोनल विभाग के माध्यम से सीबीआई को पत्र भेजा गया था। इसके बाद बेअदबी मामले से संबंधित थाना बाजाखाना में दर्ज किए गए केसों की जांच करने की सीबीआई को दी सहमति वापस लेने के बारे में छह सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके बाद बाकायदा सीबीआई को दो और चिट्ठियां लिखी गई थीं लेकिन जांच एजेंसी ने सरकार को केस वापस नहीं किया।
साथ ही कोई दस्तावेज भी पेश नहीं किया। इसके बाद सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी। वहीं अब सीबीआई फिर जांच करने के लिए कह रही है। उन्होंने अदालत में कहा था कि सीबीआई बताए कि सरकार की नोटिफिकेशन की कॉपी, पंजाब सरकार का पत्र और दो रिमांडर उन्हें मिले हैं या नहीं।