अब शुक्रवार को सीबीआई आरोपी को अदालत में पेश करेगी। सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि कितनी फाइलें एनओसी के लिए रुकी हैं और आरोपी पहले भी ऐसा कर चुका है या नहीं। मामले में सीबीआई अधिकारी का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसके बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया की जाएगी।
पहले भी सदन की बैठक में उठ चुके हैं सवाल
फायर ब्रिगेड विभाग की कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। सदन की बैठक में तत्कालीन पार्षद अरुण सूद ने आरोप लगाया था कि फायर ऑफिसर चेकिंग के नाम पर जाकर एक कार्ड थमाते हैं। जो लोग उस कार्ड पर लिखे पते से फायर सेफ्टी का सामान खरीदते हैं, उनकी एनओसी तत्काल देने का वादा भी किया जाता है। उस समय तत्कालीन आयुक्त केके यादव ने कहा था कि इसका सबूत मिल जाए तो सबसे पहले कार्रवाई करूंगा। शिकायतकर्ता आकर मुझे सबूत के साथ शिकायत दे। हालांकि इस संबंध में शिकायतकर्ता ने अपने आप को खतरा बताकर हाथ पीछे खींच लिया था।
लगातार चर्चाओं में बना है फायर ब्रिगेड विभाग
फायर ब्रिगेड विभाग हाल ही के दिनों में लगातार चर्चाओं में बना है। फायर ब्रिगेड विभाग की भर्ती के दौरान फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए थे। उसके बाद दूसरे दिन भी एक फर्जी अभ्यर्थी पकड़ा गया। पुलिस फर्जी व असली अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रही है। इसमें सामने आया कि लिखित परीक्षा में भी गड़बड़ हुई थी। तब तक यह नया मामला सामने आ गया है।