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चंडीगढ़: फायर ऑफिसर को CBI ने पकड़ा, एनओसी दिलाने के नाम पर ले रहा था 30 हजार की रिश्वत

Thu, 26 May 2022 11:51 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि कितनी फाइलें एनओसी के लिए रुकी हैं और आरोपी पहले भी ऐसा कर चुका है या नहीं। मामले में सीबीआई अधिकारी का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसके बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया की जाएगी।
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फायर स्टेशन ऑफिसर के कमरे में जांच करती सीबीआई टीम। - फोटो : अमर उजाला (करुण शर्मा)
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विस्तार
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सीबीआई ने गुरुवार शाम सेक्टर-38 के स्टेशन फायर ऑफिसर (एसएफओ) को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। आरोपी मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के हस्ताक्षर करवाकर जल्द अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दिलवाने के नाम पर रुपये मांग रहा था। आरोपी की पहचान डड्डूमाजरा गांव निवासी सुरजीत सिंह के रूप में हुई है। खबर लिखे जाने तक सीबीआई स्टेशन फायर ऑफिसर से गोपनीय जगह पर पूछताछ कर रही थी।  

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शिकायतकर्ता बलबीर सिंह का सेक्टर-36 में ग्लोबल फायर सर्विस का शोरूम है। इसके लिए उन्हें फायर ब्रिगेड से अनापत्ति प्रमाण पत्र चाहिए था। इसके लिए सुरजीत ने 35 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में सीबीआई को जानकारी दे दी। सीबीआई के निर्देश पर शिकायतकर्ता ने सुरजीत को फोन लगाकर रुपये देने को कहा और सौदा 30 हजार रुपये में तय हो गया। 

सुरजीत ने उसे डड्डूमाजरा स्थित अपने घर पर रुपये लेकर बुलाया। शिकायतकर्ता जैसे ही रुपये देने पहुंचा सीबीआई ने सुरजीत को रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद सीबीआई टीम आरोपी को स्टेशन फायर ऑफिसर के दफ्तर लेकर गई। वहां से लैपटॉप, अलमारी में रखी फाइलें और अन्य दस्तावेजों को भी अपने कब्जे में ले लिया।

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अब शुक्रवार को सीबीआई आरोपी को अदालत में पेश करेगी। सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि कितनी फाइलें एनओसी के लिए रुकी हैं और आरोपी पहले भी ऐसा कर चुका है या नहीं। मामले में सीबीआई अधिकारी का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसके बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया की जाएगी।

पहले भी सदन की बैठक में उठ चुके हैं सवाल 
फायर ब्रिगेड विभाग की कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। सदन की बैठक में तत्कालीन पार्षद अरुण सूद ने आरोप लगाया था कि फायर ऑफिसर चेकिंग के नाम पर जाकर एक कार्ड थमाते हैं। जो लोग उस कार्ड पर लिखे पते से फायर सेफ्टी का सामान खरीदते हैं, उनकी एनओसी तत्काल देने का वादा भी किया जाता है। उस समय तत्कालीन आयुक्त केके यादव ने कहा था कि इसका सबूत मिल जाए तो सबसे पहले कार्रवाई करूंगा। शिकायतकर्ता आकर मुझे सबूत के साथ शिकायत दे। हालांकि इस संबंध में शिकायतकर्ता ने अपने आप को खतरा बताकर हाथ पीछे खींच लिया था।

लगातार चर्चाओं में बना है फायर ब्रिगेड विभाग 
फायर ब्रिगेड विभाग हाल ही के दिनों में लगातार चर्चाओं में बना है। फायर ब्रिगेड विभाग की भर्ती के दौरान फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए थे। उसके बाद दूसरे दिन भी एक फर्जी अभ्यर्थी पकड़ा गया। पुलिस फर्जी व असली अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रही है। इसमें सामने आया कि लिखित परीक्षा में भी गड़बड़ हुई थी। तब तक यह नया मामला सामने आ गया है।
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