जालंधर देहात की गोराया पुलिस ने भजन गायक मास्टर सलीम के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में धारा 295ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है। केस हिंदू संगठनों के एसएसपी दफ्तर के बाहर बुधवार को प्रदर्शन की चेतावनी के बाद मंगलवार देर रात दर्ज किया गया। मंगलवार को हिंदू संगठनों ने प्रेस वार्ता कर प्रदर्शन का एलान किया था, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत करवाया था।
मास्टर सलीम जालंधर के नकोदर स्थित बाबा मुराद शाह मेले के दौरान माता चिंतपूर्णी पर विवादित बयान देकर विवादों में घिर गए थे। विवादित बयान का मामला अब कोर्ट भी पहुंच गया है। महानगर के थाना कैंट में मास्टर सलीम के खिलाफ दी गई शिकायत पर केस दर्ज न करने पर दिवान नगर निवासी गौरव ने अदालत में थाना प्रभारी के खिलाफ धारा 156 (3) के तहत शिकायत दी और अपनी शिकायत में थाना प्रभारी को मामला दर्ज करने के निर्देश देने की अपील की है।
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गौरव की याचिका को स्वीकार कर जूनियर मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अर्पणा ने 21 सितंबर को थाना कैंट के प्रभारी को तलब किया। अपने आदेश में कोर्ट ने निर्देश दिए कि थाना कैंट के थाना प्रभारी की जो शिकायत उनके पास पहुंची थी, उसके बारे में अपनी रिपोर्ट और जवाब कोर्ट में दें। गौरव ने अपनी शिकायत में शाहीन अब्दुल्ला वर्सेस यूनियन ऑफ इंडिया के केस में आए एपेक्स कोर्ट के पिछले साल 21 अक्तूबर को आए फैसले का हवाला देते हुए मास्टर सलीम पर केस दर्ज करने के लिए थाना कैंट को डायरेक्शन देने की अपील की।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा था कि कोई भी ऐसी बयानबाजी करता है, जिससे भावनाएं आहत होती हैं और उस पर यदि शिकायत न भी आए तब भी स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया जा सकता है। अभद्र टिप्पणी के बाद मास्टर सलीम कई जगह सफाई दे चुके हैं कि उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया। इसके बाद वे माफी मांगने माता चिंतपूर्णी भी जा चुके हैं। इसके बाद उन्होंने जालंधर के गीता मंदिर और पटियाला के काली माता मंदिर में भी माथा टेककर माफी मांगी। हालांकि आहत लोग ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग लगातार जारी रखी।