चंडीगढ़। पेशेवर गोल्फर आदिल बेदी को अनुबंध का बकाया 70 हजार अमेरिकी डॉलर न देने पर सेक्टर-19 पुलिस ने हैदराबाद की एक कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-19 में रहने वाले गोल्फर के पिता हरिंदर पाल सिंह बेदी ने एमटीएक्स आईटी कंसल्टिंग सर्विसेज लिमिटेड के निदेशक व अन्य अधिकारियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आदिल बेदी ने साल 2018 में सबसे कम उम्र के गोल्फर के तौर पर एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद एमटीएक्स आईटी के निदेशक मनीष कुमार शाह ने आदिल बेदी को प्रायोजक के रूप में नियुक्त करने की पेशकश की। एमटीएक्स उत्पादों के विज्ञापन और प्रचार के लिए दोनों के बीच 2019 में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। कंपनी ने तीन किस्तों में स्पांसरशिप राशि के भुगतान का वादा किया था। जनवरी 2019 में 25,000 डॉलर, अप्रैल 2019 में 25,000 डॉलर और जुलाई, 2019 में 50,000 डॉलर दिए जाने थे।
शिकायत में यह भी आरोप है कि कंपनी ने वादा किया था कि उसका पीजीए के साथ एक मजबूत रिश्ता है, जिससे आदिल और पीजीए टूर्नामेंट में उसकी भविष्य की भागीदारी को फायदा होगा। यह भी वादा किया कि कंपनी अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टीम के साथ परफॉर्मेंस एनालिटिक्स लाएगी, जो आदिल को अपना गेम विकसित करने में मदद करेगी लेकिन कंपनी ने एक भी वादा पूरा नहीं किया।
कंपनी ने फरवरी, 2019 में 5000 डॉलर और 25000 डॉलर ही जारी किए, जबकि आदिल बेदी के टूर्नामेंट में भाग लेने के दौरान कंपनी ने अपने परिधानों पर नाम और लोगो प्रमुखता से प्रदर्शित कर ब्रांडिंग का लाभ उठाया। आदिल ने साल 2019 में कैप, टी-शर्ट और बैग पर कंपनी के नाम, लोगो के साथ 19 मैच खेले थे जबकि कंपनी ने कोई भुगतान नहीं किया।
शिकायतकर्ता ने सार्वजनिक विंडो पर डीजीपी चंडीगढ़ को इस मामले की शिकायत दी थी। वहां से शिकायत को आगे की जांच के लिए सेक्टर 19 पुलिस को भेज दिया गया। जांच के बाद सेक्टर-19 पुलिस ने एमटीएक्स आईटी के निदेशक मनीष कुमार शाह और कंपनी के अन्य अधिकारियों पर केस दर्ज किया है।