पिरथी सिंह नंबरदार और अनूप धानक
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स्पीकर ने इस मामले में 27 अगस्त का दिन दोनों पक्षों में बहस के लिए भी मुकर्रर कर दिया है। दोनों पक्ष इस दिन सबूतों और दलीलों के साथ तर्क-वितर्क करेंगे। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद स्पीकर इस मामले में अपना फैसला देंगे।
भले भाजपाई बने दौलतपुरिया, मगर शिद्दत से लड़ रहे केस
इनेलो के चारों बागी विधायकों के खिलाफ इनेलो के ही विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने हरियाणा विधानसभा स्पीकर के समक्ष याचिका लगाई थी। मगर इसी साल जून में बलवान दौलतपुरिया ने इनेलो छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली थी। अब भाजपाई बनने के बावजूद बलवान दौलतपुरिया इस केस को शिद्दत के साथ लड़ रहे हैं।
उधर, यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि बलवान की याचिका खारिज नहीं होगी, क्योंकि जब बलवान ने चारों बागी विधायकों के खिलाफ विधानसभा में याचिका डाली थी, तो उस समय वह विधायक थे। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा बाद में दिया था।
दूसरी ओर, इनेलो के विधायक व पूर्व नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला भी इसी संदर्भ में एक अर्जी लगाकर इस याचिका का हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने भी चारों बागी विधायकों के खिलाफ शिकायत स्पीकर को दे रखी है।
इनेलो विघटन के बाद इनेलो के सिंबल से लड़ने वाले चार विधायकों डबवाली से नैना चौटाला, उकलाना से अनूप धानक, दादरी से राजदीप फौगाट और नरवाना से पिरथी सिंह नंबरदार का झुकाव अजय चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जजपा) की ओर हो गया था। बाद में इन चारों विधायकों ने जजपा का खुला समर्थन करते हुए अपने बगावती सुर दिखाने शुरू कर दिए थे।
चूंकि ये चारों विधायक अभी औपचारिक रूप से इनेलो सिंबल पर ही विधायक है और इसी हैसियत से उनकी हरियाणा विधानसभा में अभी सदस्यता भी बरकरार है। बलवान दौलतपुरिया और अभय चौटाला द्वारा विधानपसभा स्पीकर को दी शिकायत में इन चारों विधायकों को बागी करार देते हुए चारों के खिलाफ दलबदल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की गई है।
स्पीकर को भेजा पत्र, फौगाट को बताया नेता
इसी याचिका के बीच कथित बागी विधायकों ने विधानसभा स्पीकर को एक और पत्र भेजा है। जिसमें इन चारों विधायकों ने राजदीप फौगाट को इनेलो के विधायक दल का नेता चुनने की बात कही है। इस दौरान उन्होंने अन्य पदाधिकारियों की सूची से भी अवगत करवाया है। इस पत्र को फिलहाल केस के रिकॉर्ड में रख लिया गया है। इस पत्र के जरिए इन विधायकों न यह बताने का प्रयास किया है कि वे इनेलो के बागी विधायक नहीं है और फौगाट को उन्होंने अपना नेता चुना है।