मरीजों ने बताया कि वह तीन-चार दिनों से वार्ड में दाखिल हैं, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। एक कोने में उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया। जब समाचार पत्र ने मामला उठाया तो अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं। जो गंभीरता अधिकारी अब दिखा रहे हैं यदि वह पहले दिखाते तो शायद उनकी यह हालत नहीं होती।
मार्च में हरियाणा में हुए 788 ऑपरेशन
लापरवाही की वजह से जिन मरीजों की आंखों की रोशनी जाने का खतरा बना हुआ है, उनमें ज्यादातर के ऑपरेशन 11 से 18 मार्च के बीच हुए हैं। मार्च में अभी तक हरियाणा में करीब 788 मोतियाबिंद के ऑपरेशन हुए हैं। मार्च में ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया सॉल्यूशन भी आना बताया जा रहा है।
बोले अधिकारी
19 मरीजों का हमारे डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर दिया है। सभी मरीज अभी निगरानी में हैं। आंखों के मरीजों के लिए तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनाया है। इसमें डॉ. मनीषा नाडा, डॉ. जितेंद्र फौगाट व डॉ. सुनील वर्मा मरीजों को उपचार दे रहे हैं। संक्रमण की वजह क्या रही, इसका जांच के बाद पता चल पाएगा। फिलहाल सामने आया है कि मरीजों की आंखों पर सुडोमोनाज एरुजिनोसा बैक्टिरिया ने हमला किया है। मरीजों के उपचार के लिए सभी दवाएं मंगा ली गई हैं, किसी को बाहर से दवा लाने की जरूरत नहीं है। - डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस
मरीजों का मामला संज्ञान में है। इसके लिए तीन सीनियर अधिकारियों की टीम को जांच के लिए रोहतक पीजीआईएमएस भेज दिया गया है। इस मामले में प्रयास है कि सभी मरीज जल्द सही हों। इसके लिए पीजीआईएमएस प्रशासन को अलर्ट किया गया है। इसके साथ ही मरीजों को हुए संक्रमण के कारणों को भी तलाशा जा रहा है। - राजीव अरोड़ा, एसीएस हेल्थ, चंडीगढ़
आंखों में ऑपरेशन के बाद संक्रमण के कई कारण हो सकते हैं। इसकी जांच जारी है। कुरुक्षेत्र, भिवानी में सर्जरी के बाद ऐसे मामले सामने आए हैं। फिलहाल ऑपरेशन थियेटर, इंस्ट्रूमेंट आदि में संक्रमण नहीं मिला है। अन्य चीजों की जांच जारी है। आंखों में जो लिक्विड डलता है उसकी जांच करवाने की बात चल रही है। रिपोर्ट है कि 19 मरीजों का ऑपरेशन हो चुका है, बाकी को अंडर ऑब्जर्वेशन रखा है। - ऊषा गुप्ता, निदेशक हेल्थ, चंडीगढ़