लुधियाना में घोड़े पर लदा सरिया।
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पंजाब के लुधियाना में पशु क्रूरता का एक मामला सामने आया है। अंधे और लाचार दो घोड़ों पर उनके मालिक ने पांच टन (5000 किलो) सरिया लादा हुआ था जबकि एक स्वस्थ घोड़े पर केवल सात क्विंटल (700 किलो) बोझ लादने की ही अनुमति है। पीपल फॉर एनिमल (पीएफए) ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। इसके बाद एक घोड़े के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया, वहीं दूसरे घोड़े का मालिक फरार हो गया।
पुलिस ने दो घोड़ा मालिकों पर धारा 289, 428, 429 व 11(1) ए प्रिवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू एनिमल्स एक्ट 1960 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दोनों घोड़ों की मेडिकल जांच के बाद उन्हें उपचार के लिए गोशाला भेज दिया है।
पुलिस को दी शिकायत में फील्डगंज निवासी मनी सिंह ने बताया कि वह जानवरों के लिए काम करने वाली पीएफए के जिला प्रधान हैं। दोपहर को वह पीएफए सदस्य दीप अरोड़ा के साथ गिल रोड से गुजर रहे थे। उन्होंने देखा कि एक घोड़ा सड़क के बीचों बीच काफी लड़खड़ा कर चल रहा था। उस पर सरिए का इतना बोझ लदा था कि घोड़े का खड़ा रह पाना भी मुश्किल हो रहा था।
उन्होंने पास जाकर देखा तो पता चला कि घोड़े की एक आंख फूटी हुई थी और दूसरी आंख भी खराब थी। घोड़ा अंधा था, फिर भी उससे काम लिया जा रहा था। उन्होंने घोड़े के मालिक को पकड़ना चाहा तो वह मौके से भाग खड़ा हुआ। कुछ देर बाद ही मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। इसी दौरान एक और घोड़ा गाड़ी को काबू किया गया। उस घोड़े की हालत भी काफी नाजुक थी। दोनों घोड़ा गाड़ियों का धर्म कांटे पर वजन करवाया गया तो पता चला कि इन पर पांच टन यानी पांच हजार किलो का वजन लदा है। एक घोड़ागाड़ी पर 700 किलो से ऊपर वजन लेकर जाना गैर कानूनी है।
थाना डिवीजन नंबर छह पुलिस ने इंदिरा मार्केट निवासी राम प्रीत और सुखलाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। दोनों घोड़ों को फर्स्ट एड देकर श्रीजी गोशाला बहादुर के रोड पर इलाज के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने राम प्रीत को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है।