पूरे देश में जहां लोग नए ट्रैफिक नियम की वजह से कट रहे चालान से परेशान हैं तो वहीं चंडीगढ़ में एक अलग ही मामला सामने आया है। यहां के पिकाडली चौक के पास रेड लाइट जंप करने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने चालान कटने की बात कही। लेकिन ड्राइवर ने चालान न काटने को कहा। इसके बाद पुलिसवालों ने रिश्वत की पेशकश कर दी। जिसकी शिकायत कार चालक ने डीजीपी से कर दी।
रेड लाइट जंप करने का चालान न काटने की एवज में कार चालक रोहतक निवासी गुरमीत सिंह से एक हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले के पुलिस ने दोनों आरोपी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज कर लिया है।
आरोपियों की पहचान हेड कांस्टेबल जगजिंदर सिंह और कांस्टेबल सचिन के रूप में हुई है। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने प्रिवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट-1988 की धारा 7, 13 (1) (बी) के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, रोहतक निवासी गुरमीत सिंह गुरुवार सुबह अपने परिवार के साथ चंडीगढ़ में किसी काम से आए थे।
सुबह करीब 9.45 बजे वह अपनी कार से पिकाडली चौक पर पहुंचे। इस दौरान जल्दी में उन्होंने रेड लाइट जंप कर दी। इस बीच चौक पर ड्यूटी दे रहे 2 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और बदतमीजी से बात करने लगे। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस दौरान ने उनसे कहा गया कि 25000 रुपये का चालान होगा।
चालान न काटने की बात की तो उन लोगों ने 5000 रुपये की रिश्वत मांगी। बात 2000 और फिर आखिरी में एक हजार रुपये पर तय हो गई। बाद में गुरमीत ने मामले की शिकायत डीजीपी संजय बेनीवाल को दी।
मामला संज्ञान में आने के बाद जांच का जिम्मा डीएसपी ट्रैफिक हरजीत कौर को सौंपा गया। जांच में कार के रेड लाइट जंप करने और उसका चालान न काटने की बात सामने आई। इसके बाद डीजीपी ने दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को डिसमिस कर दिया।