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231 करोड़ का घोटाला, अकाली विधायक समेत 18 पर केस दर्ज

Sat, 25 Jun 2016 09:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
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अकाली विधायक मोहिंदर सिंह सिद्धू के खिलाफ केस दर्ज - फोटो : अमर उजाला
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आईसीआरएमएस में 231 करोड़ के घपले में सीबीआई ने अकाली विधायक और फास्ट वे के एमडी समेत 18 लोगों पर छह एफआईआर दर्ज की हैं। 
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सितंबर 2013 में दिल्ली निवासी रमन उप्पल ने चंडीगढ़ पुलिस को अकाली विधायक जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू, गुरबीर कौर शेरगिल, सुखबीर सिंह शेर गिल निवासी मोहाली, गुरदीप सिंह, नरिंदर सिंह, राजदीप सिंह, ब्रिज किशोर तिवाड़ी निवासी लुधियाना और कमल किशोर गुप्ता निवासी दिल्ली पर इंटरनेशनल कस्टमर रिलेटिड मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड कंपनी (आईसीआरएमएस) के जरिये 60 करोड़ की ठगी मारने के आरोप में शिकायत दी थी।

सूत्रों के अनुसार इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ अप्रैल 2014 को मोहाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद यह मामला अदालत में चला गया था। इस मामले को लेकर 2014 में पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट तैयार की। इसे अदालत ने नकार दिया था। इसके बाद अदालत ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
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इसमें कारपोरेट मामलों के मंत्रालय, इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट, आईटी विभाग और सीबीआई शामिल थी। एसआईटी ने जांच के बाद इन सभी लोगों समेत 10 अन्य लोगों को भी मामले में आरोपी माना। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर वीरवार को सीबीआई ने 18 लोगों पर छह एफआईआर दर्ज की।
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ठगी के एक शिकार ने कर लिया था सुसाइड

मृत शरीर - फोटो : demo pic
सूत्रों के अनुसार आरोपियों की ठगी का शिकार हुए दिल्ली के रहने वाले दिनेश कुमार (24) ने 2013 में खुदकुशी कर ली थी। दिनेश कुमार ने खुदकुशी से पहले पुलिस को बताया था कि उसने तीन दोस्तों ने उसके साथ करोड़ों की ठगी मारी है। साथ ही उसने तलवंडी साबो के विधायक जीत मोहिंदर सिंह सिद्धू पर भी आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते दिल्ली निवासी भानू, जोशी और नेगी को धारा 306 के तहत नोटिस किया था।

आरोपियों के ठिकानों पर छापामारी
सूत्रों के अनुसार 2001 में आईसीआरएमएस कंपनी ने चंडीगढ़ और मोहाली में अपने कार्यालय खोले थे। 2013 में बोर्ड आफ डायरेक्टर्स और शेयर होल्डिंग में फर्जी दस्तावेज के सहारे कंपनी के फंडों में करोड़ों का घपला सामने आया। इसके बाद मामले की जांच कारपोरेट मामलों के मंत्रालय और इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट, आमदन कर विभाग और सीबीआई अधिकारियों को सौंपी गई।

उन्होंने एक विशेष टीम बनाई, जिसकी जांच में उक्त सभी लोग घपले के लिए जिम्मेवार पाए गए। सूत्रों का कहना है कि इस मामले की जांच चल रही है। सीबीआई की ओर से सभी आरोपियों के ठिकानों पर छापामारी की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी।
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