निर्मला सीतारमण, कैप्टन अमरिंदर सिंह
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्री की ओर से मंगलवार को की गई घोषणाओं पर निराशा जाहिर करते हुए इन्हें कोविड-19 के कारण पैदा हुई स्थिति में लोगों, व्यापारियों और उद्योगों के लिए अपर्याप्त बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्मला सीतारमण द्वारा किये गए एलान मौजूदा हालात से निपटने के लिए काफी नहीं हैं।
उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में गरीबों, जरूरतमंदों की मदद करने और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में विश्वास पैदा करने के लिए व्यापक पैकेज जारी करने की जरूरत पर जोर दिया। कैप्टन ने कहा कि यह समय की सबसे बड़ी जरूरत है कि केंद्र बिना किसी देरी से विस्तृत आर्थिक पैकेज लेकर आए।
उन्होंने वित्त मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वह (वित्त मंत्री) प्रधानमंत्री द्वारा ऐसे कोई पैकेज संबंधी घोषित की गई टास्क फोर्स का विवरण लेकर आने में भी नाकाम रहीं। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स के गठन के लिए अब तक राज्यों से कोई सुझाव नहीं लिया गया और न ही कोई विवरण साझे किए गए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मांग पर पंजाब ने पहले ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री को जरूरी सुझाव भेजे हैं और उन्हें आशा है कि इन सुझावों पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि टैक्स रिटर्न भरने की तारीख केवल मुलतवी करने से अतिरिक्त कुछ और भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहाँ तक निर्धारित कि तारीख भी नहीं बदली गई जबकि सच्चाई यह है कि बहुत से राज्य कर्फ्यू /लॉकडाउन में हैं। कैप्टन ने कहा कि वित्त मंत्री कर्जे की अदायगियों की ईएमआई और डिफ़ाल्ट संबंधी भी कोई जिक्र करने में नाकाम रहीं।
गैर संगठित मजदूरों पर वित्त मंत्री चुप: कैप्टन
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों खासकर गैर संगठित मजदूरों की दुर्दशा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिस पर सभी राज्य चिंता जाहिर करते हुए दबाव बना रहे थे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीएडएस) कोटे को दोगुना करना और मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोगों को दो महीने का राशन मुफ्त मुहैया करवाना, सबसे बड़ी जरूरत है, जिसकी पंजाब सरकार पहले ही मांग कर चुकी है।