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'नोटबंदी पर मोदी सरकार के ताजा फरमान पर रोक लगाए सुप्रीम कोर्ट'

Tue, 20 Dec 2016 07:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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narendra modi - फोटो : File Photo
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नोटबंदी पर मोदी सरकार के ताजा फरमान पर रोक लगाए जाने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की गई है। इसे लोगों से धोखाधड़ी बताया गया है। मांग पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने की। उन्होंने कहा कि सरकार का यह यू-टर्न लोगों के साथ धोखाधड़ी और उनका भरोसा तोड़ने के समान है।
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कैप्टन ने एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट से नोटबंदी के मुद्दे पर उनकी अपील को जनहित याचिका के तौर पर लेने और इस अनियोजित कदम से पैदा हुई परेशानियों से लोगों को बचाने को दखल देने की मांग की है। जोकि धोखाधड़ी के साथ पहले ही कई जिंदगियां बर्बाद कर चुका है।

उन्होंने कहा कि नियमों को बदलना लोगों की जिंदगियां बर्बाद कर रहा है। जो पहले से करंसी पर रोक के चलते कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। कैप्टन ने पुराने नोट जमा करने के संदर्भ में आरबीआई द्वारा लिए ताजा यू-टर्न पर कहा कि मोदी व उनकी टीम नियमों का पालन न करके देश को वित्तीय अराजकता की तरफ धकेल रही है।
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दो माह पहले युद्ध का माहौल बनाने से लेकर नोटबंदी के कदम तक, मोदी सरकार अपने सियासी हितों को आगे बढ़ाने के लिए, इंडस्ट्री व पार्टी में अपने मित्रों की रक्षा को देश में तनाव पैदा कर रही है।
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5 हजार की करेंसी जमा करने की सीमा पर उठाए सवाल

कैप्टन अमरिंदर सिंह
कैप्टन ने तीस दिसंबर तक पांच हजार की पुरानी करेंसी के नोट जमा करने संबंधी सीमा तय करने पर सवाल किया है। जबकि, पहले सरकार ने नोट जमा कराने को बहुत सारा वक्त होने का हवाला देकर लोगों से बैंकों में भीड़ न लगाने की अपील की थी।

कैप्टन ने इसे लोगों के साथ धोखाधड़ी बताते हुए फिर से नोटबंदी नीति की समीक्षा किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस कदम से काला धन व भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का मकसद हासिल न कर पाने के सबूत मिलने के बाद मोदी आसानी से नोटबंदी वापस ले सकते थे।

पर उन्होंने अपने इस अनियोजित कदम के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया। हर दिन वित्त मंत्रालय और आरबीआई के नए निर्देश ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। देश गहरे वित्तीय संकट में धकेला जा रहा है और भ्रष्टाचार व काला धन एकत्र करने वाले आराम से बैठे हैं।
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