कैप्टन अमरिंदर सिंह पंद्रह दिसंबर को बठिंडा में गरजेंगे। कांग्रेस ने अमरिंदर की रैली की तारीफ फाइनल कर ली है। इसी रैली में कैप्टन की बतौर प्रदेश कांग्रेस प्रधान ताजपोशी होगी।
वीरवार को कैप्टन ने अपने पटियाला आवास पर मालवा के सात जिलों बठिंडा, फरीदकोट, मानसा, मुक्तसर, संगरूर, मोगा और बरनाला के पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। जिसमें विधायक, पूर्व विधायक व जिला प्रधान शामिल हुए।
बैठक के दौरान ही बठिंडा के नेताओं ने कहा कि 13 दिसंबर को एक प्रतियोगी परीक्षा है, इसलिए इस दिन रैली न रखी जाए। जिसके बाद रैली पंद्रह दिसंबर को रखने का फैसला किया गया। रैली उसी जगह की जाएगी, जहां कुछ दिन पहले अकाली दल की सद्भावना रैली हुई थी।
प्रदेश कांग्रेस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट लाल सिंह को रैली का कन्वीनर बनाया गया है। वही मालवा के नेताओं के साथ तालमेल करके रैली की तैयारियां देखेंगे। बैठक के दौरान रैली के अन्य इंतजामों पर भी चर्चा की गई। साथ ही लोगों को रैली स्थल तक लाने व ले जाने के प्रबंधों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मावला के दिग्गज जगमीत बराड़ भी शामिल हुए। बैठक के दौरान पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब के प्रधान मनप्रीत बादल को रैली में बुलाने पर कोई चर्चा नहीं हुई। कैप्टन गुट ने अभी यह तय नहीं किया है कि मनप्रीत को बुलाया जाए या नहीं।
पटियाला से विधायक ब्रह्म मोहिंद्रा भी मोती महल में हुई बैठक में शामिल हुए। ब्रह्म मोहिंद्रा कैप्टन के विरोधी माने जाते हैं। पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस में चल रही जद्दोजहद के दौरान भी वह कैप्टन के साथ नहीं थे। एकाएक ब्रह्म मोहिंद्रा के आने को प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी पर विराम माना जा रहा है।
वहीं, पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा भी कह चुके हैं कि वह बठिंडा रैली में शामिल होंगे। बठिंडा रैली प्रधान बनने के बाद कैप्टन का पहला शक्ति प्रदर्शन होगा। इसलिए इस पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं।