कैप्टन अमरिंदर सिंह और भगवंत मान में जुबानी जंग
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आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह को गजनी कहते हुए बड़ा चैलेंज दिया। उन्होंने कैप्टन पर वार करते हुए कहा कि उन्हें गजनी की तरह भूलने की बीमारी हो गई है। वह संसद भी भूल गए हैं, उनकी हाजिरी न्यूनतम है। जब कैप्टन संसद आए ही नहीं तो उनके मुंह से उन्हें शराब की बदबू कैसे आ गई। कैप्टन उनके खिलाफ कुप्रचार कर रहे हैं।
मान ने चुनौती दी कि कैप्टन मानसून सत्र में आएं और दोनों का ब्लड टेस्ट संसद की लैब से करवा लें। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि कैप्टन को पार्टी को हरवाने का अनुभव है, 2012 में वह ऐसा कर चुके हैं। अब कैप्टन को लग रहा है कि विरोधी गुट ऐसा न करे इसलिए दावेदारों से हलफनामे लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक पत्रिका में छपी केजरीवाल की विवादित फोटो से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है, यह फर्जी फोटो है।
मान ने कहा कि केजरीवाल एक सेवक की तरह 18 जुलाई को दरबार साहिब नतमस्तक होंगे और सेवा करेंगे। पार्टी के सभी नेता भूल बख्शाएंगे। मान ने कहा कि इस माह केअंत तक उम्मीदवारों की पहली लिस्ट आ जाएगी। वॉलंटियर्स से नाम लेने के बाद कैंपेन कमेटी नाम शॉर्ट लिस्ट करेगी। सुनीता केजरीवाल को पंजाब सीएम प्रोजेक्ट करने केकयासों को नकारते हुए उन्होंने कहा कि सीएम कैंडिडेट पंजाब से ही होगा।
कांग्रेस और अकाली दो अंक नहीं नहीं जीत पाएंगे
आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान
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उन्होंने कहा है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और अकाली दल दो अंकों तक भी नहीं पहुंच पाएंगे। यह भी संभव है कि पंजाब में दिल्ली का रिकार्ड भी टूट जाए। पत्रकारों से बातचीत में मान ने बताया कि दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल 17 जुलाई को टाक-टु-एके कार्यक्रम के जरिए ऑनलाइन लोगों के मन की बात सुनेंगे।
इसमें दुनिया भर के भारतीयों ने इच्छा जताई है। पंजाब से संबंधित सवाल भी इसमें पूछे जा सकते हैं। मान ने कहा कि देश की जनता ने पीएम नरेंद्र मोदी के मन की बात सुन कर उन्हें प्रधानमंत्री का रुतबा बख्शा था, लेकिन लोगों के मन की बात सुनने के बजाय वह अपने मन की बात कहना पसंद करते हैं।
मान ने सीएम प्रकाश सिंह बादल के संगत दर्शन कार्यक्रमों को योजनाबद्ध अकाली दर्शन कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि इसमें पहले से तय लोगों को लाया जाता है और तय बात बुलवाई जाती है। सरकार आज तक यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि यह सरकारी कार्यक्रम है या राजनीतिक।
अगर सीएम को संगत से ही मिलना है तो कहीं भी खड़े हो जाएं, पूरे पंजाब में लोग आंदोलन कर रहे हैं। डिप्टी सीएम सुखबीर की ओर से आप की तुलना आईएसआईएस से करने पर उन्होंने कहा कि तख्त हिलता देख सुखबीर बौखला गए हैं। दिल्ली में कांग्रेसी और भाजपाई भी कभी केजरीवाल को नक्सली कहते थे। जिसका जवाब लोगों ने चुनाव में दे दिया।