पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल शासन चलाना सीखें। अफसरों को बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लग रहा है कि बादल हार पर अपने अंदर झांकने के बजाय गुस्सा नौकरशाही पर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
राज्य में शासन-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है, मुख्यमंत्री बादल कभी-कभार ही अपने कार्यालय में नजर आते हैं। क्योंकि वह हमेशा राज्य में घूमते रहते हैं। कैप्टन ने कहा कि मंत्रियों की कोई सुनवाई नहीं रही है, क्योकि सत्ता की सारी ताकत बादल परिवार द्वारा इस्तेमाल की जाती है।
राज्य सरकार के पास बजट तैयार करने के लिए भी पैसे नहीं हैं। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि चुनी हुई सरकार, जिसका तीन साल का कार्यकाल बाकी हो, ने वोट ऑन अकाउंट बजट पेश किया हो। कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि सरकार द्वारा प्रशासनिक तबादले समझने योगय हैं। परं जिस तरह से अकालियों का इस पर प्रभाव दिखा है और वह भी चुनाव नतीजों से तुरंत बाद, इसका कारण सिर्फ निराशा व बदला प्रतीत होता है।